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Pension: केंद्रीय कर्मियों के लिए खबर, लेना हो UPS का विकल्प और ऑनलाइन सिस्टम है खराब; इस कदम से मिलेगी राहत
Fri, 19 Sep 2025 04:16 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 19 Sep 2025 04:16 PM IST
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पेंशन
- फोटो : एडॉब स्टॉक
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केंद्र सरकार ने अपने उन कर्मचारियों को राहत दी है, जो यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) में शामिल होने का मन बना रहे हैं। ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं कि यूपीएस का ऑनलाइन विकल्प चुनने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। कहीं पर सर्वर खराब है तो कहीं सिस्टम बहुत अधिक धीमा है। सर्वर के हैंग होने की खबर भी मिल रही है।
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विकल्प चुनने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है। ऐसे में अवसर हाथ से न निकल जाए, इसके लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने एक नई व्यवस्था की है। केंद्र सरकार के कर्मचारी यूपीएस को लेकर ऑफलाइन आवेदन, मतलब फिजिकल फॉर्म भी जमा कर सकते हैं। कर्मचारी द्वारा अपना भरा हुआ फॉर्म संबंधित नोडल ऑफिस में जमा कराना होगा।
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पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी 'पीएफआरडीए' द्वारा 16 सितंबर को जारी अपने परिपत्र में कहा गया है कि ऑफलाइन आवेदन करने वाले कर्मचारी https:// www.npscra.nsdl.co.in/ups.php यहां से फार्म डाउनलोड कर सकते हैं।
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इस प्रक्रिया के तहत 30 सितंबर 2025 तक नोडल ऑफिस को जितने भी आवेदन मिलेंगे, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वीकार किया जाएगा। तय समय सीमा यानी 30 सितंबर के बाद एनपीएस में रहने वाले कर्मचारी यूपीएस में शामिल नहीं हो सकेंगे। उन लोगों के लिए यूपीएस से एनपीएस में एकमुश्त स्विच विकल्प का प्रावधान भी किया गया है, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा अर्थात 30.09.2025 के भीतर यूपीएस का विकल्प चुना था। यूपीएस ग्राहकों के पास ये विकल्प होंगे।
(i) यूपीएस के अंतर्गत पात्र कर्मचारी केवल एक बार एनपीएस में स्विच कर सकते हैं, तथा वापस यूपीएस में स्विच नहीं कर सकते।
(ii) स्विच का प्रयोग सेवानिवृत्ति से कम से कम एक वर्ष पहले या वीआरएस से तीन महीने पहले किया जा सकता है।
(iii) दंड के रूप में हटाए जाने, बर्खास्त किए जाने या अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले में या ऐसे मामलों में जहां अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही हो या विचाराधीन हो, स्विच सुविधा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(iv) जो लोग निर्धारित समय के भीतर स्विच का विकल्प नहीं चुनते हैं, वे यूपीएस के अंतर्गत बने रहेंगे।
(v) एनपीएस चुनने पर अभिदाता को एनपीएस लाभ मिलेगा तथा डिफॉल्ट निवेश पैटर्न पर सरकार का अंतर अंशदान (4 प्रतिशत) निकाला जाएगा तथा उसे निकासी के समय व्यक्ति के एनपीएस कोष में जमा कर दिया जाएगा।
(vi) यह स्विच विकल्प उपभोक्ता को यूपीएस चुनने में अधिक सुविधा प्रदान करेगा तथा सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा की योजना बनाने में भी उनकी सहायता करेगा।
25 अगस्त को एक अन्य कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया था। उसमें यूपीएस से एनपीएस में लौटने की सुविधा दी गई थी। इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई थी। जैसे, कर्मचारी केवल एक बार ही यूपीएस से एनपीएस में लौट सकते हैं। इसके बाद दोबारा से उनकी यूपीएस में वापसी नहीं होगी। यह बदलाव रिटायरमेंट से कम से कम एक साल पहले या स्वैच्छिक रिटायरमेंट से तीन महीने पहले करना अनिवार्य होगा।अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है, या उसे हटाया गया है, निलंबित किया गया है, तो उसे यह सुविधा नहीं मिलेगी। जो कर्मचारी तय समय सीमा के भीतर विकल्प नहीं चुनेंगे, वे स्वतः यूपीएस में ही बने रहेंगे।