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Parliament: 2761 करोड़ के फसल बीमा दावे लंबित, 1387 करोड़ रुपये के साथ सूची में शीर्ष पर राजस्थान

Wed, 09 Aug 2023 06:12 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 09 Aug 2023 06:12 AM IST
सार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उपज के आंकड़े जारी करने में देरी, सरकारों द्वारा प्रीमियम सब्सिडी में अपना हिस्सा चुकाने में देरी और बीमा कंपनियों व राज्यों के बीच उत्पादन के आंकड़ों में फर्क मिलने के बाद हुए विवादों की वजह से भी कई मामले लंबित हैं।

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Pending crop insurance claims of Rs 2761.10 crore Rajasthan tops the list parliament news updates
संसद का बजट सत्र 2023 की शुरुआत - फोटो : Social Media

विस्तार

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत साल 2021-22 तक 2761.10 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावे लंबित थे। इनमें सबसे ज्यादा राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों के मामले थे।

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उपज के आंकड़े जारी करने में देरी, सरकारों द्वारा प्रीमियम सब्सिडी में अपना हिस्सा चुकाने में देरी और बीमा कंपनियों व राज्यों के बीच उत्पादन के आंकड़ों में फर्क मिलने के बाद हुए विवादों की वजह से भी कई मामले लंबित हैं। उन्होंने बताया कि पीएमएफबीवाई को लागू करते समय कुछ बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान न करने या देरी से भुगतान की शिकायतें सामने आई थीं। इनका उचित निस्तारण किया गया है।

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लंबित फसल बीमा दावे : इन राज्यों में सबसे ज्यादा लंबित

  1. राजस्थान- 1387.34 करोड़ रुपये
  2. महाराष्ट्र- 336.22 करोड़ रुपये
  3. गुजरात- 258.87 करोड़ रुपये
  4. कर्नाटक- 132.25 करोड़ रुपये
  5. झारखंड- 128.24 करोड़ रुपये
इसके बाद महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में सबसे ज्यादा मामले

आठ राज्यों में चार लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि प्राकृतिक खेती के अंतर्गत
केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि आठ राज्यों में लगभग 4.09 लाख हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाया गया है, जिसमें आंध्र प्रदेश अग्रणी है। मंत्री ने कहा कि आठ राज्य आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु हैं।

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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बदलें कार्यप्रणाली ग्राहकों का काम निपटाने में दिखाएं शीघ्रता
संसद की एक समिति का कहना है कि समय के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर काम का बोझ बढ़ा है। इसके साथ ही यह जरूरी हो गया है कि वे अपनी कार्यप्रणाली बदलें और ग्राहक सेवा के मामले में पूरी तेजी दिखाएं। भर्ती के लिए होने वाली परीक्षाओं के पैटर्न में भी बदलाव का सुझाव दिया गया है।

कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय पर संबंधित विभागीय संसदीय समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि बैंकों की जरूरत के हिसाब से समय-समय पर भर्ती परीक्षा के पैटर्न को भी बदला जाना चाहिए, ताकि ऐसे उम्मीदवारों के मूल्यांकन को तरजीह मिल सके जो तेज गति के साथ और बिना किसी त्रुटि के काम कर सकें। समिति ने अपनी रिपोर्ट में पायलट एप्टीट्यूट बैटरी टेस्ट (पीएबीटी) का हवाला भी दिया, जो खासकर किसी व्यक्ति का एप्टीट्यूट जांचने के लिए किया जाता है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी कार्य या मिशन के लिए फिट है या नहीं। समिति की राय है कि ऐसा तंत्र बनाया जाना चाहिए, जिससे जो छात्र परीक्षा में शामिल न हो पाए हों, उनकी फीस वापस की जा सके।

वर्ष 2011 से अब तक 1,532 जवानों ने की आत्महत्या
साल 2011 से अब तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, असम राइफल्स और एनएसजी के 1,532 जवानों ने आत्महत्या की है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया कि इनमें से कोई भी मामला व्यवस्था के हाथों परेशान होकर आत्महत्या करने का नहीं है। एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि जवानों के जीवन पर इस जोखिम को बढ़ा रहे कारणों और इनकी जद में आए जवानों की पहचान के लिए एक टास्क फोर्स बनाई गई है।

मनरेगा : 1.13 करोड़ से अधिक बैंक खातों को आधार से जोड़ना बाकी
ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा को सूचित किया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत लगभग 1.13 करोड़ श्रमिकों के बैंक खातों को आधार संख्या से जोड़ा जाना बाकी है। केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में बताया कि यह संख्या कुल सक्रिय श्रमिकों का 8.93 प्रतिशत है।

कॉर्पोरेट कर में कटौती के कारण नुकसान : वित्त राज्यमंत्री
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि कॉर्पोरेट करों में कटौती के कारण सरकार को 2020-21 में 1 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक का नुकसान हुआ। सितंबर 2019 में, सरकार ने तत्कालीन मौजूदा कंपनियों के लिए आधार कॉर्पोरेट टैक्स को 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत करने की घोषणा की और 1 अक्तूबर, 2019 के बाद निगमित नई विनिर्माण फर्मों के लिए 25 से 15 प्रतिशत।

इन नई कर दरों को चुनने वाली कंपनियों को सभी छूट और प्रोत्साहन छोड़ना पड़ा। सरचार्ज और उपकर, जो आय और कॉर्पोरेट कर दरों के शीर्ष पर लगाए जाते हैं पर विचार करने के बाद मौजूदा इकाइयों के लिए प्रभावी कर दर 25.17 प्रतिशत है, जो पहले 34.94 प्रतिशत थी। नई इकाइयों के लिए यह 17.01 फीसदी है, जो पहले 29.12 फीसदी थी।

क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट बढ़कर 4,072 करोड़ रुपये
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड ने राज्यसभा को बताया कि क्रेडिट कार्ड का डिफॉल्ट मार्च 2023 के अंत में बढ़कर 4,072 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें 1.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया, क्रेडिट कार्ड में चूक के संबंध में इनपुट के अनुसार, क्रेडिट कार्ड में सकल गैर-निष्पादित संपत्ति मार्च-2022 में 3,122 करोड़ रुपये और मार्च-2023 में 4,072 करोड़ थी। 

बीसीसीआई ने किया 1,159 करोड़ का आयकर भुगतान
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वित्त वर्ष 2021-22 में 1,159 करोड़ रुपये का आयकर भुगतान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37 प्रतिशत अधिक है। राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में बीसीसीआई ने आयकर के तौर पर 844.92 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जो 2019-20 में भुगतान किए गए 882.29 करोड़ रुपये से कम है।

ऑनलाइन गेमिंग : 28% जीएसटी से बढ़ेगा राजस्व
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि ऑनलाइन गेमिंग, रेसकोर्स और कसीनो के ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (जीजीआर) पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने से सरकार की कमाई बढ़ेगी। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि इस समय कसीनो जीजीआर पर 28 प्रतिशत जीएसटी चुका रहे हैं। वहीं कुछ घुड़दौड़ क्लब पूरी फेस वैल्यू पर 28 प्रतिशत जीएसटी दे रहे हैं।

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