पेगासस स्पाईवेयर: कांग्रेस ने पूछा- क्या फ्रांस की जांच रिपोर्ट आने के बाद संसद में होगी चर्चा
कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, विदेश में पेगासस मामले को लेकर जांच हो रही है, लेकिन मोदी सरकार इस मसले पर संसद में चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं है। पेगासस जासूसी का मामला भारत में तूल पकड़ता जा रहा है...
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पेगासस स्पाईवेयर के मामले में परिस्थितियां बदलती जा रही हैं। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट भी इस केस की सुनवाई के लिए तैयार हो गया। फ्रांस की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी की जांच में यह बात साबित हुई है कि दो मीडिया कर्मियों के फोन पेगासस के जरिए हैक किए गए थे। तेजी से परिवर्तित होते घटनाक्रम में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि 'पेगासस स्पाईवेयर' के मुद्दे पर उसके पास छिपाने के लिए बहुत कुछ है। कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या वह फ्रांस और हंगरी जैसे देशों की जांच रिपोर्ट आने के बाद 'पेगासस' पर संसद में बयान देगी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, पेगासस तो सारे मुल्क को खा रहा है। ये लोग किसी को नहीं छोड़ेंगे। हमने भी तय कर लिया है कि जो चाहे हो जाए, लेकिन देश में 'आजादी' खत्म नहीं होने देंगे।
कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, विदेश में पेगासस मामले को लेकर जांच हो रही है, लेकिन मोदी सरकार इस मसले पर संसद में चर्चा करने के लिए भी तैयार नहीं है। पेगासस जासूसी का मामला भारत में तूल पकड़ता जा रहा है। संसद से लेकर सड़क तक, विपक्ष इस मामले में सरकार को घेर रहा है। अगर संसद के बाहर बड़े घटनाक्रम की बात करें तो अब सुप्रीम कोर्ट पेगासस मुद्दे पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। शीर्ष कोर्ट वरिष्ठ पत्रकार एन. राम की निष्पक्ष जांच कराने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। कांग्रेस पार्टी के नेता और वकील, कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस के सामने यह याचिका रखी थी। डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, इस मामले में घबरा कौन रहा है, जांच कराने से कौन भाग रहा है, संसद में लुका-छुपी कौन खेल रहा है, देश की जनता सब समझ रही है।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्षी दलों के दूसरे नेता केंद्र सरकार से जब यह पूछते हैं कि कम से कम इतना तो बता दें, पेगासस सॉफ्टवेयर अपने देश में है या नहीं। क्या सरकार ने उसे खरीदा था, उसका उपयोग किया है, इसका उत्तर हां या ना में दे दें। इसका कोई जवाब नहीं मिलता। पेगासस के जरिए किसी व्यक्ति विशेष की जासूसी हुई है तो उसका नाम बता दो, यहां भी कोई जवाब नहीं। सरकार केवल इतना कह कर पीछा छुड़ा लेती है कि ये सब एक षडयंत्र है। देश में इंटरसेप्शन की एक पॉलिसी है। इस बाबत बने कानूनों का पालन किया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्री कहते हैं कि इसकी टाइमिंग अति संदेहजनक है। बतौर डॉ. सिंघवी, पेगासस से जुड़े सवाल का सरल उत्तर देने में सरकार समर्थ नहीं है। संसद तो लोकतंत्र का मंदिर है, केंद्र सरकार इसका मजाक उड़ा रही है।