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पेगासस जासूसी कांड: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार तक सुनवाई टली, याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी जांच की उठाई थी मांग
Tue, 10 Aug 2021 03:53 PM IST
प्रशांत झा कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत झा कुमार झा
Updated Tue, 10 Aug 2021 03:53 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई टल गई है। सॉलिसीटर जनरल की दलील के बाद अगले सोमवार तक सुनवाई टाल दी गई। इससे पहले इस मामले में 5 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने सुनवाई की थी। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में एसआईटी जांच की मांग की है। वहीं, सरकार ने साफ कर दिया है कि इस्राइल सॉफ्टवेयर कंपनी से उसकी कोई डील नहीं हुई है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
पेगासस जासूसी मामले से जुड़ी नौ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई अगले सोमवार तक टल गई है। सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि शिकायत की कॉपी अभी पढ़ी जा रही है। कॉपी पढ़ने के बाद ही अपनी दलील रख पाएंगे। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार तक सुनवाई टाल दी।
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सुप्रीम कोर्ट में ठीक 11 बजे पेगासस पर सुनवाई शुरू हुई। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने पूछा कि क्या कॉपी सरकार को दे दी गई? इसपर सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि यशवंत सिन्हा को छोड़कर सभी की कॉपी मिली है, अभी हम पढ़ रहे हैं, इसके बाद सरकार से निर्देश लेंगे, इसलिए शुक्रवार तक का समय दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि शुक्रवार को हमें कुछ समस्या है, सोमवार को सुनवाई कर पाएंगे। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा कि जो भी याचिकाकर्ता हमारे सामने हैं, हमारे सामने ही बात रखें। हमारे सवालों के जवाब दें। अगर मीडिया या सोशल मीडिया पर ही बात रखना चाहते हैं तो अलग बात है। हम उम्मीद करते हैं कि आप समानांतर प्रक्रिया न चलाएं। कुछ अनुशासन होना चाहिए। कपिल सिब्बल और बाकी वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश की बात पर सहमति जताई। इस दौरान कपिल सिब्बल ने कैलिफोर्निया कोर्ट की कार्रवाई का भी जिक्र किया।
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मामले में पांच अगस्त को हुई थी पहली सुनवाई
इस मामले में पत्रकारों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की तरफ से अर्जियां दायर कर एसआईटी जांच की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर या मौजूदा जज की अध्यक्षता में एसआईटी गठित कर जांच करवाई जाए। इससे पहले इस मामले में 5 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने सुनवाई की थी।
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अर्जी की प्रति केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश
मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से सवाल किया कि इस मामले में आईटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज क्यों नहीं करवाई गई है?अगर आपको लगता है कि आपका फोन हैक हुआ है, तो फिर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाई? मुख्य न्यायाधीश ने सभी याचिकाकर्ताओं से कहा कि वह अर्जी की कॉपी केंद्र सरकार को भेजें , ताकि कोई नोटिस लेने के लिए मौजूद रहे।
पेगासस जासूसी मुद्दे पर सरकार ने तोड़ी चुप्पी
वहीं, पेगासस जासूसी मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच रक्षा मंत्रालय ने चुप्पी तोड़ी है। रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि सरकार का एनएसओ के साथ कोई लेनदेन नहीं रहा। रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने एक लिखित जवाब में बताया कि उनके मंत्रालय ने इस्राइल कंपनी के साथ कोई करार नहीं किया और उसकी किसी तरह की सेवा नहीं ली। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इससे पहले राज्यसभा में सरकार द्वारा एनएसओ की कोई भी सेवा लिए जाने से इनकार किया था।
पेगासस जासूसी केस पर संसद में गतिरोध जारी
वैष्णव ने इस तरह की सभी मीडिया रिपोर्ट को बेबुनियाद बताया था, जिसमें पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर देश के नेता, मीडियाकर्मी और नौकरशाहों की जासूसी किए जाने की आशंका जताई गई थी। वैष्णव ने आरोप लगाया था कि मानसून सत्र से ठीक पहले आई रिपोर्ट का इरादा सिर्फ सरकार को बदनाम करना था। विपक्ष मानसून सत्र की शुरुआत से इस मुद्दों को लेकर हंगामा कर रहा है। संसद में इस पर चर्चा को लेकर गतिरोध 19 जुलाई से जारी है।
केंद्र ने नहीं तो किसने की जासूसी: नवाब मलिक
वहीं, पेगासस जासूसी के मुद्दे पर एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने मंगलवार को कहा कि अगर केंद्र ने पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नहीं किया है, तो उन्हें इसकी जांच करनी चाहिए कि कहीं किसी विदेशी सरकार ने तो भारतीय नेताओं, नौकरशाहों, न्यायाधीशों और पत्रकारों की जासूसी नहीं की है।