सुप्रीम कोर्ट ने यूपीपीएससी मेन्स परीक्षा 2018 पर रोक लगाने से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून से शुरु हो रही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। साथ ही इलाहाबाद न्यायालय के उस आदेश को भी कायम रखा जिसमें प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दोबारा कराने को कहा गया था। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने की थी जिस पर आज फैसला आया है।
बता दें कि पीसीएस की प्रारंभिग परीक्षा 2017 का परिणाम 19 जनवरी 2018 को जारी किया गया था। जिसे 120 याचिकाओं द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनवरी 2018 में चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया था कि परीक्षा में आए 14 प्रश्न ऐसे थे जो ठीक नहीं थे जिसके बाद कोर्ट ने एक प्रश्न को रद्द और दो प्रश्नों के उत्तर में बदलाव कर आयोग को दोबारा मूल्यांकन करने को कहा। इसके बाद आयोग ने परिणाम को संशोधित करने की बजाय सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। जिस पर आयोग को स्थगनादेश मिला है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में लोगों ने कहा था कि आयोग ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया है। आदेश के मुताबिक आयोग को दोबारा परिणाम घोषित करने थे। महज एक या दो नंबर से कई छात्र इस मेंस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। 14 में से 3 प्रश्नों पर तो हाई कोर्ट ने संशोधन कर दोबारा परिणाम जारी करने को कहा था। यदि आयोग पहले ही कोर्ट का ये आदेश मानकर दोबारा परिणाम घोषित कर देता तो उन्हें भी इस परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल पाता।
जानकारी के मुताबिक पीसीएस 2017 परीक्षा का परिणाम जनवरी 2018 को जारी किया गया था। जिसमें 14032 अभ्यर्थी सफल हो गए। साथ ही आयोग ने संशोधित उत्तर कुंजी भी जारी की थी। जिसमें कई अभ्यर्थियों ने देखा कि कई प्रश्नों के उत्तर सही नहीं थे जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
Supreme Court refuses to stay the Uttar Pradesh Public Service Commission (UPPSC) Mains Examination 2018, to be conducted on June 18.
— ANI (@ANI) June 14, 2018