NCP: BJP की 'बी' टीम कहने पर पवार का पृथ्वीराज पर पलटवार, बोले- पहले बताएं कांग्रेस में उनका कद 'A,B,C या D'
Sharad Pawar: कर्नाटक चुनाव में उम्मीदवार उतारने के पीछे के तर्क पर पवार ने कहा कि राकांपा अपना आधार बढ़ाने के उद्देश्य से उस राज्य में प्रवेश करना चाहती है। उन्होंने कहा, "हमने कर्नाटक में कांग्रेस या अन्य सहयोगियों के साथ कोई चर्चा नहीं की, क्योंकि हम शून्य से शुरुआत करना चाहते थे। जब किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन होता है, तो उस पार्टी को ताकत प्रदान करना अनिवार्य होता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को पृथ्वीराज चव्हाण की अपनी ही पार्टी कांग्रेस में उनके 'कद' पर सवाल उठाया। चव्हाण ने इससे पहले पवार के उस दावे पर असहमति जताई थी कि 2019 में महा विकास अघाड़ी के गठन के लिए बातचीत के दौरान कांग्रेस नेतृत्व अड़ियल था। पवार से सतारा में कुछ पत्रकारों ने चव्हाण की उस कथित टिप्पणी के बारे में पूछा जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) कर्नाटक में भाजपा की 'बी' टीम है। जवाब में पवार ने कहा, 'उन्हें जांचना चाहिए कि उनकी अपनी पार्टी में उनका कद क्या है... वह ए, बी, सी या डी भी हो सकता है। उनकी पार्टी का कोई भी सहयोगी आपको अकेले में इस बारे में बताएगा।
कर्नाटक चुनाव में उम्मीदवार उतारने के पीछे के तर्क पर उन्होंने कहा कि राकांपा अपना आधार बढ़ाने के उद्देश्य से उस राज्य में प्रवेश करना चाहती है। उन्होंने कहा, "हमने कर्नाटक में कांग्रेस या अन्य सहयोगियों के साथ कोई चर्चा नहीं की, क्योंकि हम शून्य से शुरुआत करना चाहते थे। जब किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन होता है, तो उस पार्टी को ताकत प्रदान करना अनिवार्य होता है। लेकिन, जैसा कि हम शून्य से शुरुआत कर रहे थे, यह आश्वासन देना संभव नहीं था कि अगर हम उनके साथ जाते हैं तो हम उन्हें ताकत प्रदान करने में सक्षम होंगे।"
पवार ने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक में सीमित सीटों पर चुनाव लड़ रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि इससे कांग्रेस की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान कुछ नेताओं की ओर से 'बजरंगबली की जय' जैसे नारों का इस्तेमाल करने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने दावा किया कि जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगना निर्वाचित प्रतिनिधि बनने के बाद किसी व्यक्ति की ओर से ली गई शपथ का उल्लंघन है, क्योंकि धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र शपथ में प्रमुख शब्द हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं हैरान हूं कि देश के प्रधानमंत्री लोगों के सामने इस तरह का रुख रखते हैं। आपको (सरकार) मुझे बताना चाहिए कि आपने पिछले पांच साल में क्या किया क्योंकि सत्ता आपके हाथ में थी। हर जगह लोग 40 प्रतिशत कमीशन की बात करते हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस ने हाल ही में कहा था कि कर्नाटक के लोग 10 मई को 'भाजपा के 40 प्रतिशत कमीशन सरकार' के अंत की गारंटी देंगे और कांग्रेस के सभी वादों को पूरा किया जाएगा।