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महाराष्ट्र में नहीं बिकेगी पतंजलि की कोरोनिल दवा
Wed, 24 Feb 2021 03:02 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 24 Feb 2021 03:02 AM IST
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महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख
- फोटो : ANI
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तीन दिन में कोरोना संक्रमण ठीक करने का दावा करने वाली पतंजलि की कोरोनिल को महाराष्ट्र में बेचने की इजाजत नहीं मिलेगी। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को ट्वीट किया कि पतंजलि की कोरोनिल दवा की बिक्री को महाराष्ट्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और अन्य संबंधित सक्षम स्वास्थ्य संस्थानों से उचित प्रमाणीकरण के बिना अनुमति नहीं दी जाएगी।
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गृहमंत्री देशमुख ने आईएमए की तरफ से कोरोनिल टैबलेट की विश्वसनीयता को लेकर उठाए गए सवाल का संदर्भ देते हुए दूसरा ट्वीट किया है कि कोरोनिल के तथाकथित परीक्षण पर आईएमए ने सवाल उठाए हैं और डब्ल्यूएचओ ने कोविड के उपचार के लिए पतंजलि आयुर्वेद को किसी भी प्रकार की स्वीकृति देने से इनकार किया है। ऐसे में जल्दबाजी में किसी भी दवा को उपलब्ध करवाना और दो वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों द्वारा सराहना उचित नहीं है।
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इससे पहले डब्लूएचओ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पारंपरिक औषधि को कोविड-19 के उपचार के तौर पर मंजूरी नहीं दी है। जबकि योग गुरू बाबा रामदेव ने इस दवा की लॉन्चिंग के दौरान कहा था कि डब्लूएचओ की प्रमाणन योजना के तहत कोरोनिल टेबलेट को आयुष मंत्रालय की ओर से कोविड-19 के उपचार में सहायक औषधि के रूप में प्रमाण पत्र मिला है।
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डब्ल्यूएचओ के ट्वीट पर पतंजलि की सफाई
पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने ट्वीट कर सफाई दी है कि कोरोनिल के लिए हमारा डब्ल्यूएचओ जीएमपी अनुपालन वाला सीओपीपी प्रमाण पत्र डीजीसीआई, भारत सरकार की ओर से जारी किया गया। यह स्पष्ट है कि डब्ल्यूएचओ किसी दवा को मंजूरी नहीं देता। डब्ल्यूएचओ विश्व में सभी के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए काम करता है।