महागठबंधन पर पासवान का तंज- सौ लंगड़े मिलकर भी एक पहलवान नहीं बन सकते
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने विपक्ष को एकबार फिर एकजूट होने पर मजबूर कर दिया है। 2014 के आम चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अबतक हुए चुनाव में मोदी लहर के दम पर कई राज्यों में भी अपनी सरकार बना ली है। ऐसे में विपक्ष एकबार फिर महागठबंधन के लिए तैयार है। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि वह 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और मोदी को हराने के लिए किसी से भी हाथ मिला सकती है।
ऐसे में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कांग्रेस अकेले बीजेपी को हराने में असमर्थ है इसलिए राहुल गांधी को भी वैसा ही करना चाहिए जैसा सोनिया गांधी ने 2004 लोकसभा चुनाव के दौरान किया था। उनके इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा 'सौ लंगड़े मिलकर भी एक पहलवान नहीं बन सकता।'
क्षेत्रीय दल भी एकजूट होने पर मजबूर हो गए हैं
वहीं उतर प्रदेश चुनाव में हार के बाद समाजवादी पार्टी और जनता दल यूनाइटेड जैसे क्षेत्रीय दल भी एकजूट होने पर मजबूर हो गए हैं। लेकिन इन सब के बावजूद एनडीए को पूरा विश्वास है कि कोई भी गठबंधन उन्हें हरा नहीं पाएगा।
वहीं जेडीयू नेता के सी त्यागी ने एक टीवी चैनल पर कहा कि ' बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, और जेडीयू अगर यूपी चुनाव में एकसाथ लड़ते तो 403 सीटों में से महागठबंधन को 300 सीटों पर जीत मिलती। इससे पहले शुक्रवार को जेडीयू ने मोदी के खिलाफ सभी विपक्षी दलों से एकजूट होने की अपील की थी। जेडीयू नेता संजय सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी के विकल्प के तौर पर प्रोजेक्ट करने की बात कही थी।