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पासपोर्ट विभाग ने मांगी मेधा पाटकर पर मुकदमा चलाने की इजाजत, विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र

Thu, 02 Jan 2020 10:47 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 02 Jan 2020 10:47 PM IST
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Passport department asks permission from Ministry of External Affairs to prosecute Medha Patkar
मेधा पाटकर (फाइल फोटो)

मुंबई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की कार्यकर्ता मेधा पाटकर के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत विदेश मंत्रालय से मांगी है। विभाग ने मेधा पर पासपोर्ट आवेदन में अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों को छिपाने का आरोप लगाया है।

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पासपोर्ट कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखा है, जिसमें मेधा पाटकर की तरफ से 2017 में पासपोर्ट नवीनीकरण का आवेदन भरते समय अपने खिलाफ लंबित मुकदमों का जिक्र नहीं करने के लिए आपराधिक मामला चलाने की इजाजत मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि मेधा पाटकर का पासपोर्ट स्वत: ही उस समय जब्त हो गया था, जब उन्होंने इस मामले में जवाब मांगने के लिए नोटिस भेजे जाने के विरोध में नौ दिसंबर को पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था।
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हालांकि, पासपोर्ट सरेंडर करने से वह खुद को मुकदमे से नहीं बचा सकतीं। अधिकारियों का कहना है कि विदेश मंत्रालय की इजाजत मिलने पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) की तरफ से पासपोर्ट कानून के तहत मेधा के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस कानून के तहत अधिकतम दो साल का सश्रम कारावास या पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों ही सजा दी जा सकती हैं।

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पिछले साल जून में मिली थी शिकायत

पिछले साल जून में एक पत्रकार ने मेधा पाटकर के खिलाफ पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए गलत तथ्य दिए जाने की शिकायत की थी। शिकायत में मेधा के खिलाफ नौ आपराधिक मामलों का दस्तावेजी सबूतों के साथ ब्योरा दिया गया था, जो मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में मेधा के खिलाफ लंबित हैं। मेधा ने 30 मार्च, 2017 को अपने पासपोर्ट आवेदन में खुद पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं होने का दावा किया था। शिकायत के आधार पर आरपीओ ने डीजीपी मध्यप्रदेश से मुकदमों की जानकारी मांगी थी तो उन्होंने भी पांच मामलों में चार्जशीट दाखिल हो जाने का तथ्य बताया था। इसके बाद 18 अक्तूबर, 2019 को आरपीओ ने पाटकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

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