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कमीशन के लिए बनाई पार्टी: चंदा लिया और टैक्स बचाया; 314 करोड़ के घोटाले में तीन दलों पर केस, एफआईआर दर्ज

Sun, 27 Sep 2026 06:50 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 27 Sep 2026 06:50 AM IST
सार

गुजरात सीआईडी ने कथित फर्जी चुनावी चंदे और कर चोरी के मामले में तीन राजनीतिक दलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कमीशन के लिए राजनीतिक दलों का गठन कर करदाताओं को टीडीएस रसीदों के जरिए टैक्स छूट दिलाई जाती थी और कमीशन काटकर रकम वापस कर दी जाती थी।

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Party formed for kickbacks Accepted donations evaded taxes case filed against three parties in 314 crore scam
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गुजरात सीआईडी ने करोड़ों के चुनावी चंदे और कर चोरी घोटाले में तीन राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज की है। इस घोटाले से वित्त वर्ष 2022 से 2025 के बीच सरकारी खजाने को 314 करोड़ का नुकसान हुआ। सीआईडी ने आणंद स्थित स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी (एसएपी), अहमदाबाद की सत्यवादी रक्षक पार्टी (एसआरपी) और गरीब कल्याण पार्टी (जीकेपी) के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए। तीनों दलों के पदाधिकारियों के साथ कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को भी आरोपी बनाया गया है।

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एसएपी पर 519 करोड़ के फर्जी चंदे का आरोप
आयकर विभाग की शिकायत के मुताबिक, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी, उसके पदाधिकारियों, एक सीए और एक कर सलाहकार के 519 करोड़ के फर्जी चंदा और 155 करोड़ की कर चोरी में शामिल होने का आरोप है।
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जीकेपी के नौ पदाधिकारी और तीन सीए आरोपी
वहीं, जीकेपी के अध्यक्ष व सचिव समेत नौ लोगों एवं तीन सीए पर 62 करोड़ रुपये और एसआरपी के तीन पदाधिकारियों व एक कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट पर 124.5 करोड़ की कर चोरी का केस दर्ज किया गया है।
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कमीशन के लिए बनाई थी राजनीतिक पार्टी
आरोपियों ने कमीशन कमाने के लिए इन दलों का गठन किया था। ये दल करदाताओं से चंदा लेते थे, टीडीएस रसीदों के जरिये टैक्स छूट दिलाते थे व कमीशन काटकर बाकी रकम वापस कर देते थे। चुनाव आयोग को फर्जी रिपोर्ट सौंपी गई। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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