रुपाला बोले 2015 के बाद से हुई आत्महत्या का सरकार के पास नहीं है डाटा
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केंद्र सरकार के पास वर्ष 2015 के बाद किसानों द्वारा की गई आत्महत्या का कोई आंकड़ा नहीं है। लोकसभा में कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने बताया कि इसके लिए राज्य सरकार के साथ मिल कर आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। प्रश्नकाल के दौरान जब रुपाला ने किसानों की स्थिति में बदलाव लाने का दावा किया तो कांग्रेस के गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि बीते पांच साल में कितने किसानों ने आत्महत्या की। इस पर रुपाला ने कहा कि वर्ष 2015 से पहले कृषि मंत्रालय गृह मंत्रालय से इस आशय की सूचना लेता था। अब इसके लिए राज्यों के साथ मिल कर डाटा तैयार किया जा रहा है।
मॉब लिंचिंग पर दानिश ने घेरा
बसपा संसदीय दल के नेता दानिश अली ने इस दौरान देश में मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटना पर चिंता जाहिर की और सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। अली ने कहा कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल इस पर रोक लगाने के लिए अलग से कानून बनाने का निर्देश दिया था। हालांकि इसके बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से दुनिया भर में देश की छवि खराब हो रही है।
मंत्री का राज्य सरकार से नाराजगी उचित नहीं
प्रश्नकाल के दौरान पंजाब के कांग्रेस सांसद रवणीत बिट्टु ने लाडोवाल में शीतगृह परियोजना मे धीमी गति से काम करने का मामला उठाया। इस दौरान उन्होंने खाद्य संस्करण मंत्री हरसिमरत कौर केनाराज होने की बात की। कौर ने कहा कि वह सांसद से नहीं बल्कि परियेजना को गंभीरता से न लेने के कारण राज्य सरकार से नाराज है। इस पर स्पीकर ने कहा कि मंत्री होने के नाते उनकी राज्य सरकार से नाराजगी उचित नहीं है।
सीनियर रहे राधामोहन ने जूनियर रुपाला से पूछे सवाल
लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय कृषि मंत्री रहे राधामोहन सिंह ने उस दौरान अपने जूनियर मंत्री रहे पुरुषोत्तम रुपाला से सवाल पूछे। रुपाला दूसरे कार्यकाल में भी कृषि राज्य मंत्री हैं। रुपाला ने इसे अपने लिए गर्व का विषय बताया।