महाराष्ट्र पर संसद ठप, मार्शलों ने कांग्रेसी सांसदों को बाहर निकाला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Mon, 25 Nov 2019 04:40 PM IST
महाराष्ट्र पर सांसदों का प्रदर्शन
महाराष्ट्र पर सांसदों का प्रदर्शन - फोटो : ANI
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महाराष्ट्र में महाभारत का असर सोमवार को संसद के दोनों सदनों में देखने को मिला। दोनों सदनों में फडणवीस सरकार के गठन को लेकर भारी हंगामा हुआ। शोर शराबे के कारण सोमवार को संसद की कार्यवाही पूरे दिन बाधित रही। लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई दिन भर के स्थगन के बाद मंगलवार (26 नवंबर 2019) दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राहुल गांधी ने संसद में सवाल पूछने से भी इनकार कर दिया। लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे और पार्टी के दो सदस्यों हिबी इडेन एवं टी एन प्रतापन और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। जानिए आज क्या-क्या हुआ-
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लोकसभा स्पीकर ओर बिड़ला ने कहा- ये पहली बार है जब मैंने हंगामा होने पर सदन को स्थगित किया है। मैंने हमेशा कोशिश की है कि सदन सुचारू रूप से चले और चर्चा हो। इस तरह का बर्ताव बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। 

 

कांग्रेसी सांसदों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की

सदन की कार्यवाही आरंभ होने के साथ ही कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते और पोस्टर लिए हुए आसन के निकट पहुंच गए। इडेन और प्रतापन ने बड़ा पोस्टर ले रखा था जिस पर ‘स्टॉप मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी’ लिखा था।

राहुल ने कहा, महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है
नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने प्रश्नकाल शुरू कराया और अनुसूचित जाति के लड़के-लड़कियों के छात्रावास विषय पर पूरक प्रश्न पूछने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम पुकारा। इस सत्र में पहली बार सदन में पहुंचे गांधी ने सवाल पूछने से इनकार करते हुए कहा, ‘महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है, ऐसे में मेरे सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है।’ इसी बीच स्पीकर बिड़ला ने बड़ा पोस्टर लहरा रहे इडेन और प्रतापन को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। स्पीकर ने मार्शलों को दोनों कांग्रेस सदस्यों को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। हालांकि इडेन, प्रतापन और अन्य कांग्रेस सदस्यों तथा मार्शलों के बीच धक्कामुक्की हो गई। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।


दो महिला सांसदों के साथ धक्कामुक्की का आरोप लगाया
कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र मुद्दे पर सदन में हंगामे के दौरान मार्शलों ने पार्टी की दो महिला सांसदों के साथ धक्कामुक्की की। चौधरी ने संसद भवन परिसर में संवादददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि वह इंतजार कर रहे हैं कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला जिम्मेदार मार्शलों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘ऐसा सदन में हमने कभी नहीं अनुभव नहीं किया था। हमारी दो महिला सांसदों ज्योति मणि और राम्या हरिदास के साथ मार्शलों ने सदन में धक्कामुक्की की।’ ज्योति मणि ने कहा कि यह दुखद है कि राम्या हरिदास और मेरे साथ सदन में धक्कामुक्की की गई। हमने इस बारे में स्पीकर के समक्ष शिकायत की है।  महाराष्ट्र मुद्दे पर सदन में बड़ा पोस्टर लहारने वाले कांग्रेस सांसद हिबी इडेन ने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन मार्शलों के जरिए इसे रोकने की कोशिश हुई और महिला सांसदों के साथ धक्कामुक्की की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र का गला घोट रही है।

लोकतंत्र की हत्या हम कैसे कर रहे हैं: केंद्रीय मंत्री
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद में हुई मार्शलों और सांसदों के बीच धक्कामुक्की पर कहा कि मार्शल के साथ जो हुआ बहुत पीड़ादायक है। संसदीय संस्कार की सारी सीमाएं लांघ दीं। ये मामला बहुत गंभीर है। रविशंकर ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजपी-सेना को बहुमत मिला। 30 साल के संबंध को तोड़कर शिवसेना लालच में वो कांग्रेस के साथ चली गई और लोकतंत्र की हत्या हम कैसे कर रहे हैं।

राज्यसभा दोपहर दो बजे तक स्थगित

वहीं विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाए। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सदन को सूचित किया कि महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत उन्हें कांग्रेस के आनंद शर्मा, माकपा सदस्य के के रागेश तथा इलामारम करीम, सीपीआई के विनय विस्वम और डीएमके सदस्य तिरुचि शिवा की ओर से कार्यस्थगन नोटिस मिले हैं।

सभापति ने कहा कि महाराष्ट्र मुद्दा अदालत में विचाराधीन है। इसके अलावा, उच्च पद पर आसीन किसी व्यक्ति के आचरण पर समुचित नोटिस के बिना चर्चा नहीं की जा सकती। नायडू ने कहा कि इन वजहों के चलते उन्होंने सदस्यों के नोटिस स्वीकार नहीं किए।

सभापति ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने के बारे में या राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के बारे में नोटिस दिए जाने पर सदन में चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई नोटिस विचाराधीन नहीं है।

इसके बाद विपक्षी कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और लेफ्ट के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के फैसले पर विशेष नोटिस के माध्यम से ही चर्चा की जा सकती है और ऐसा कोई नोटिस विपक्षी सदस्यों की ओर से नहीं दिया गया है।

नकवी ने आरोप लगाया कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना महाराष्ट्र में जुगाड़ के जरिए लोकतंत्र का अपहरण करने की कोशिश कर रही हैं। नकवी ने यह भी कहा कि जनतंत्र भाजपा के साथ है। उन्होंने कहा कि शरद पवार सदन के सम्मानित सदस्य हैं और बड़े खिलाड़ी भी हैं। नकवी ने कहा कि पवार को समझना चाहिए कि फिसलन भरी पिच पर क्रिकेट खेल रहे खिलाड़ियों के रन आउट होने का खतरा होता है। फिर भी वह ऐसी पिच पर दौड़ रहे हैं।

सोमवार को सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कांग्रेस सांसदों ने महाराष्ट्र के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर लिए कांग्रेस नेताओं ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ ‘प्रधानमंत्री होश में आओ’ और ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाए।

 

राज्यसभा में मार्शल नजर आए सामान्य बंगला सूट में
 राज्यसभा में मार्शल सोमवार को सेना जैसी वर्दी के बजाय सामान्य बंद गले के सूट में नजर आए लेकिन उनके सर पर पगड़ी नहीं थी। पिछले सोमवार को, आसन के समीप मौजूद रहने वाले दोनों मार्शल गहरे रंग की सेना जैसी वर्दी तथा पी-कैप पहने हुए थे। नई वर्दी की कुछ संसद सदस्यों तथा सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों की ओर से आलोचना किये जाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने मार्शलों के ड्रेस कोड की समीक्षा के आदेश दिए थे।

लोकसभा में एसपीजी अधिनियम सांशोधन विधेयक पेश

लोकसभा में महाराष्ट्र मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बीच सोमवार को विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) अधिनियम में संशोधन विधेयक पेश किया गया। इसमें किसी पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार को एसपीजी की सुरक्षा के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव किया गया है। कैबिनेट पहले ही एसपीजी कानून में संशोधन विधेयक को हरी झंडी दे चुकी है।

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