संसद डायरी: पांच वर्षों में कनाडा में 1203 भारतीय का निधन, सरकार ने राज्यसभा में दी जानकारी
केंद्र ने बृहस्पतिवार को बताया कि 2020 से 2024 तक कनाडा में 1,203 भारतीयों का निधन हुआ है। अधिकतर मौतें वृद्धावस्था या चिकित्सा बीमारी जैसे प्राकृतिक कारणों से हुई हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि विदेश मंत्रालय की सहायता से 757 भारतीयों के पार्थिव शरीर या अस्थियां कनाडा से भारत लाई गईं। मंत्रालय से पूछा गया था कि पिछले 5 वर्षों में कनाडा में कितने भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इन मौतों के क्या कारण हैं। सिंह ने मौतों का वर्षवार आंकड़ा भी साझा किया।
जनजातीय मामलों के राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने लोकसभा में बताया कि हाल के कुछ वर्षों में 1,233 आदिवासी छात्रों ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी। आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्थापित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) से छात्रों के बीच पढ़ाई छोड़ने के मामलों में बीते कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। 2024-25 में ऐसे 552 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2021-22 में यह संख्या केवल 111 थी। शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक स्कूल छोड़ने वाले छात्र छत्तीसगढ़ (88), ओडिशा (87) और मध्य प्रदेश (71) से थे। साल 2021-22 और 2024-25 के बीच कुल 1,233 आदिवासी छात्र ईएमआरएस से बाहर हो गए। यह संख्या हर साल बढ़ती जा रही है।
रिक्तियों का होना और उनका भरा जाना सतत प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि रिक्तियों का होना और उनका भरा जाना, जिनमें बैकलॉग भी शामिल हैं, एक सतत प्रक्रिया है। सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे बैकलॉग आरक्षित रिक्तियों की पहचान के लिए एक आंतरिक समिति गठित करें। साथ ही ऐसी रिक्तियों के मूल कारणों का अध्ययन करें और विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से उन्हें भरें।
इस साल 2,458 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में बताया कि अलग-अलग कारणों से इस साल अब तक एयरलाइनों ने 2,458 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की हैं। इस साल इंडिगो की सबसे ज्यादा 1017 उड़ानें रद्द हुईं और 662 उड़ानें पुनर्निर्धारित की गईं। एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि उड़ान में देरी और रद्द होने के कारण एयरलाइनों को अतिरिक्त ईंधन, चालक दल का ओवरटाइम, रखरखाव, हवाईअड्डा शुल्क और पुनः बुकिंग खर्च सहित लागत उठानी पड़ती है। उड़ानें रद्द होने या ज्यादा देरी होने पर एयरलाइनों को यात्रियों को धन वापसी या मुआवजा देना आवश्यक है।
97 गीगावाट ताप बिजली उत्पादन की योजना
विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने लोकसभा में बताया कि ऊर्जा मंत्रालय ने 2034-35 तक आवश्यक 307 गीगावाट तापीय ऊर्जा स्थापित क्षमता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त 97 गीगावाट कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। यह भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को देखते हुए महत्वपूर्ण है। वर्ष 2034-35 तक अनुमानित तापीय (कोयला और लिग्नाइट) क्षमता की आवश्यकता लगभग 3,07,000 मेगावाट है, जबकि 31 मार्च, 2023 तक स्थापित क्षमता 2,11,855 मेगावाट है।
पिछले साल भारत आए 99 लाख विदेशी सैलानी
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में बताया कि पिछले वर्ष 99,51,722 विदेशी सैलानी भारत घूमने आए। जबकि, 3 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विदेश की यात्रा की। इनमें 77 लाख से अधिक भारतीयों ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा किया। शेखावत ने कहा कि वर्ष 2023 में 95,20,928 विदेशी पर्यटकों ने भारत की यात्रा की। बीते वर्ष भारत आने वाले विदेशी सैलानियों में सबसे बड़ी संख्या अमेरिकी नागरिकों को थी। 2024 में अमेरिका के 18,04,586 नागरिकों ने भारत की यात्रा की। इसके बाद बांग्लादेश 17,50,165 नागरिक और ब्रिटेन के 10,22,587 नागरिक भारत घूमने आए थे।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए समय सीमा तय नहीं
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के पूरा होने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना भारतीय रेलवे की एक प्रतिष्ठित परियोजना है। यह रेल लाइन हिमालय के कठिन भूवैज्ञानिक और चुनौतीपूर्ण इलाकों से होकर गुजरती है। भाजपा सांसद अनिल बलूनी के प्रश्न का जवाब देते हुए रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि परियोजनाओं को मंजूरी देना एक सतत और गतिशील प्रक्रिया है। इसकी सटीक समय सीमा नहीं दी जा सकती। किसी भी रेलवे परियोजना का पूरा होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। इसमें राज्य सरकार की ओर से त्वरित भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की मंजूरी और लागत साझा करने वाली परियोजनाओं में राज्य सरकार की हिस्सेदारी जैसे कारक शामिल हैं।
इस साल विमानों में तकनीकी खराबी के 190 मामले
नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने लोकसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि इस साल 21 जुलाई तक विमानों में तकनीकी खराबी के कुल 190 मामले सामने आए हैं। जबकि, पिछले साल तकनीकी खराबी के 421 मामले दर्ज हुए थे। उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी विमानों में होने वाली एक सामान्य घटना है, जो विमान पर लगे घटकों/प्रणालियों/उपकरणों के अनुचित कार्य/खराबी के कारण हो सकती हैं। उड़ान से पहले विमान में दर्ज सभी खराबियों को ठीक करने की जिम्मेदारी एयरलाइनों की होती है।
गुरुग्राम में जलभराव के अलावा बुनियादी समस्या नहींः सरकार
केंद्र ने लोकसभा में बताया कि गुरुग्राम में भारी बारिश के दौरान जलभराव को छोड़कर किसी भी बड़ी नागरिक बुनियादी ढांचे की समस्या नहीं है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि राज्य सरकार ने यह जानकारी दी है।
दरअसल, कांग्रेस विधायक दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूछा था कि क्या गुरुग्राम एक प्रमुख कॉर्पोरेट केंद्र होने के बावजूद जलभराव और अन्य बुनियादी ढांचे से संबंधित गंभीर नागरिक समस्याओं का सामना कर रहा है। गुरुग्राम में हर मानसून के मौसम में अक्सर जलभराव होता है। जवाब में मंत्री ने कहा कि संबंधित विभाग जलभराव से निपटने को भी काम कर रहे हैं।
तिब्बत में ब्रह्मपुत्र पर चीन द्वारा बांध निर्माण शुरू करने की खबरों पर हमारी नजर- सरकार
भारत ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी (ब्रह्मपुत्र की ऊपरी पहुंच) के निचले हिस्से पर चीन द्वारा एक मेगा बांध परियोजना का निर्माण शुरू करने संबंधी रिपोर्टों पर संज्ञान लिया है। राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को पहली बार 1986 में सार्वजनिक किया गया था और तब से चीन में इसकी तैयारियां चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो (ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी भाग) के निचले हिस्से पर चीन द्वारा मेगा बांध परियोजना के निर्माण शुरू करने की रिपोर्टों पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ब्रह्मपुत्र नदी से संबंधित सभी घटनाक्रमों पर सावधानीपूर्वक निगरानी रखती है।
1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार काम के लिए इस्राइल गए: सरकार
सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को बताया कि नवंबर 2023 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय रूपरेखा समझौते के तहत इस साल एक जुलाई तक कुल 6,774 भारतीय कामगार काम के लिए इस्राइल गए हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि अक्तूबर 2023 में इस्राइल-हमास संघर्ष छिड़ने के बाद इस्राइल द्वारा भारत से कितने श्रमिकों की भर्ती की जाएगी।