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संसद में केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करेगी कांग्रेस पार्टी
संजय मिश्र, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:00 PM IST
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राज्यसभा
- फोटो : PTI
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मंदिर की राजनीति के बाद कांग्रेस पार्टी अब राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भी पीछे नहीं रहना चाहती है। गुजरात चुनाव में मंदिर-मंदिर जाकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी हिन्दुत्व विरोधी के तौर पर बन चुकी पार्टी की छवि को साधने का प्रयास किया। तो अब कुलभूषण मामले मामले में पीएम मोदी और उनकी विदेश नीति पर सवाल खड़े करेंगे। इसलिए कांग्रेस ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह मामले में सरकार की सफाई को स्वीकार करते हुए संसद का गतिरोध तोड़ा है, ताकि कुलभूषण मामले पर संसद में चर्चा हो सके।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जनता में पार्टी की बनाई गई गैर राष्ट्रवादी छवि को धोने के लिए संसद में कुलभूषण पर चर्चा के दौरान पार्टी नेता पाकिस्तान के मोर्चे पर पीएम मोदी की विफलता गिनाएंगे। उक्त नेता का कहना है कि कुलभूषण जाधव मामले में जिस तरह से पाकिस्तान में जाधव की पत्नी और मां को अपमान झेलना पड़ा है, वह सरकार की विफलता को उजागर करता है। यही वजह है कि रणनीति के तहत कांग्रेस ने मनमोहन पर सरकार की सफाई स्वीकार की है।
सरकार की सफाई को जीत मान रही है कांग्रेस, सदन के बाहर जिंदा रहेगा मुद्दा
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर पीएम मोदी के बयान मामले में कांग्रेस ने बेशक सरकार की सफाई स्वीकार कर ली है। मगर संसद के बाहर वह इस मुद्दे को पीएम मोदी के खिलाफ जिंदा रखेगी। मनमोहन मामले में संसद में सरकार की सफाई को कांग्रेस पार्टी अपनी जीत मान रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ बयान संसद के बाहर दिया था। मगर कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सदन तक लाने में सफल रही है। मजबूरी में सरकार को सदन के अंदर सफाई देनी पड़ी है।
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उक्त नेता का कहना है कि वैसे उन्हें इस बात का पक्का भरोसा था कि पीएम मोदी संसद में अपने बयान पर सफाई नहीं देंगे। अगर देते तो कांग्रेस को यह दांव उल्टा पड़ता। माफी मांगने के बाद पीएम मोदी का कद जनता के बीच बढ़ जाता। साथ ही मनमोहन सिंह को मिल रही जनता की हमदर्दी उलटकर पीएम मोदी के साथ चली जाती। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोपों पर माफी की मांग पर अड़ी कांग्रेस ने मौका देख अपना रास्ता बदल लिया है। संसद में इस मुद्दे पर अब गतिरोध नहीं होगा। बल्कि संसद के बाहर वह इस मुद्दे को उठाती रहेगी। कांग्रेस ने अब कुलभूषण जाधव मामले के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई है।
वेंकैया ने किया बीच-बचाव
बताया जा रहा है उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पक्ष-विपक्ष के बीच के टकराव को दूर कर सदन की कार्यवाही चलाने में मुख्य भूमिका निभाई है। नायडु ने जहां विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाया कि वे सरकारी पक्ष के साथ बैठ कर सदन चलाने का रास्ता निकालें। तो सरकार के फ्लोर प्रबंधकों को भी नायडु ने कहा कि वे बीच का रास्ता निकालकर विपक्ष को साधने का प्रयास करें। नायडु ने सदन में भी कई बार स्पष्ट कर दिया था कि पीएम मोदी माफी नहीं मांगेंगे। चूंकि बयान संसद के बाहर का है इसलिए यह मुद्दा सदन में उठने लायक नहीं है।
बावजूद उन्होंने राज्यसभा का गतिरोध खत्म कराने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों पर ही दबाव बनाया। जिसका असर रहा कि सरकार ने मामले में सफाई पेश की। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्य सभा में हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की देश भक्ति और निष्ठा पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया है और न ही उनकी इस तरह की कोई मंशा थी। इस तरह की कोई भी धारणा बनाना गलत है। जेटली ने कहा कि हम दोनों नेताओं का सम्मान करते हैं और देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता को मानते हैं।
दरअसल मोदी ने गुजरात के बनासकांठा के पालनपुर में चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर पर हमला बोला था। मोदी ने कहा था कि अय्यर ने अपने घर पर पाक के पूर्व जनरल अरशद रफीक से मीटिंग की थी जिसमें अहमद पटेल को सीएम बनाने की बात हुई थी। मोदी ने कहा कि मीटिंग में मनमोहन सिंह समेत कई सीनियर नेता मौजूद थे।
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कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार जनता में पार्टी की बनाई गई गैर राष्ट्रवादी छवि को धोने के लिए संसद में कुलभूषण पर चर्चा के दौरान पार्टी नेता पाकिस्तान के मोर्चे पर पीएम मोदी की विफलता गिनाएंगे। उक्त नेता का कहना है कि कुलभूषण जाधव मामले में जिस तरह से पाकिस्तान में जाधव की पत्नी और मां को अपमान झेलना पड़ा है, वह सरकार की विफलता को उजागर करता है। यही वजह है कि रणनीति के तहत कांग्रेस ने मनमोहन पर सरकार की सफाई स्वीकार की है।
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सरकार की सफाई को जीत मान रही है कांग्रेस, सदन के बाहर जिंदा रहेगा मुद्दा
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर पीएम मोदी के बयान मामले में कांग्रेस ने बेशक सरकार की सफाई स्वीकार कर ली है। मगर संसद के बाहर वह इस मुद्दे को पीएम मोदी के खिलाफ जिंदा रखेगी। मनमोहन मामले में संसद में सरकार की सफाई को कांग्रेस पार्टी अपनी जीत मान रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ बयान संसद के बाहर दिया था। मगर कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सदन तक लाने में सफल रही है। मजबूरी में सरकार को सदन के अंदर सफाई देनी पड़ी है।
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उक्त नेता का कहना है कि वैसे उन्हें इस बात का पक्का भरोसा था कि पीएम मोदी संसद में अपने बयान पर सफाई नहीं देंगे। अगर देते तो कांग्रेस को यह दांव उल्टा पड़ता। माफी मांगने के बाद पीएम मोदी का कद जनता के बीच बढ़ जाता। साथ ही मनमोहन सिंह को मिल रही जनता की हमदर्दी उलटकर पीएम मोदी के साथ चली जाती। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोपों पर माफी की मांग पर अड़ी कांग्रेस ने मौका देख अपना रास्ता बदल लिया है। संसद में इस मुद्दे पर अब गतिरोध नहीं होगा। बल्कि संसद के बाहर वह इस मुद्दे को उठाती रहेगी। कांग्रेस ने अब कुलभूषण जाधव मामले के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई है।
वेंकैया ने किया बीच-बचाव
बताया जा रहा है उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पक्ष-विपक्ष के बीच के टकराव को दूर कर सदन की कार्यवाही चलाने में मुख्य भूमिका निभाई है। नायडु ने जहां विपक्ष के नेताओं पर दबाव बनाया कि वे सरकारी पक्ष के साथ बैठ कर सदन चलाने का रास्ता निकालें। तो सरकार के फ्लोर प्रबंधकों को भी नायडु ने कहा कि वे बीच का रास्ता निकालकर विपक्ष को साधने का प्रयास करें। नायडु ने सदन में भी कई बार स्पष्ट कर दिया था कि पीएम मोदी माफी नहीं मांगेंगे। चूंकि बयान संसद के बाहर का है इसलिए यह मुद्दा सदन में उठने लायक नहीं है।
बावजूद उन्होंने राज्यसभा का गतिरोध खत्म कराने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों पर ही दबाव बनाया। जिसका असर रहा कि सरकार ने मामले में सफाई पेश की। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्य सभा में हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह या पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की देश भक्ति और निष्ठा पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया है और न ही उनकी इस तरह की कोई मंशा थी। इस तरह की कोई भी धारणा बनाना गलत है। जेटली ने कहा कि हम दोनों नेताओं का सम्मान करते हैं और देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता को मानते हैं।
दरअसल मोदी ने गुजरात के बनासकांठा के पालनपुर में चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर पर हमला बोला था। मोदी ने कहा था कि अय्यर ने अपने घर पर पाक के पूर्व जनरल अरशद रफीक से मीटिंग की थी जिसमें अहमद पटेल को सीएम बनाने की बात हुई थी। मोदी ने कहा कि मीटिंग में मनमोहन सिंह समेत कई सीनियर नेता मौजूद थे।
संसद में दिखेगा तीन तलाक पर सियासी संग्राम
मनमोहन के मामले पर संसद की रार थमने के बाद अब तीन तलाक बनाम जाधव के मामले पर सियासी संग्राम नजर आएगा। जाधव मामले पर पाकिस्तान के जरिए हुए अपमान को मुद्दा बनाकर विपक्ष जहां सरकार के लिए राज्यसभा में मुश्किलें खड़ा करेगा। तो सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक विधेयक पेश करने का ऐलान कर रखा है। कई सियासी दल सरकार के तीन तलाक विधेयक पर सवाल खड़े करेंगे। तो जाधव मामले पर पाकिस्तान से चोट खाने के बाद सरकार के रणनीतिकार तीन तलाक पर अक्रामक होकर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
वहीं पाकिस्तान के मामले में सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए कांग्रेस पार्टी अपनी छवि सुधारने की कोशिश करेगी। दरअसल लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ आतंकवाद के मुद्दे को जोर-शोर उठाया था। तब पीएम मोदी ने खुद चुनावी सभा में कहा था कि भारतीय सेना एक सैनिक का शीश काटे जाने के बदले पाकिस्तान के 10 सैनिकों का शीश काटकर लाएगी। मगर उनके शासन संभालने के बाद से भारतीय सेना पर हमलों और उससे होने वाली घटनाओं के मामले लगातार बढ़े हैं। कांग्रेस पार्टी इन आंकड़ों के जरिए केंद्र और भाजपा को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश करेगी।
वहीं पाकिस्तान के मामले में सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए कांग्रेस पार्टी अपनी छवि सुधारने की कोशिश करेगी। दरअसल लोकसभा चुनाव 2014 में भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ आतंकवाद के मुद्दे को जोर-शोर उठाया था। तब पीएम मोदी ने खुद चुनावी सभा में कहा था कि भारतीय सेना एक सैनिक का शीश काटे जाने के बदले पाकिस्तान के 10 सैनिकों का शीश काटकर लाएगी। मगर उनके शासन संभालने के बाद से भारतीय सेना पर हमलों और उससे होने वाली घटनाओं के मामले लगातार बढ़े हैं। कांग्रेस पार्टी इन आंकड़ों के जरिए केंद्र और भाजपा को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश करेगी।