संसद: भाजपा के वरुण गांधी ने पेश किया निजी सदस्य विधेयक, कृषि उपज के लिए एमएसपी सुनिश्चित करने का लक्ष्य
पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य हर किसान को अपनी कृषि उपज और इससे जुड़े उत्पादों के लिए न्यूनतम मूल्य प्राप्त करने का हक दिलाना है। उन्होंने पिछले साल हुए किसानों के आंदोलन का भी खुले तौर पर समर्थन किया था।
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पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने किसानों को कृषि उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का अधिकार, 2022 पेश किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य यह है कि हर किसान को अपनी कृषि उपज और इससे जुड़े उत्पादों के लिए न्यूनतम मूल्य प्राप्त करने का हक मिल सके। गांधी ने पिछले साल किसान आंदोलन का भी खुले तौर पर समर्थन किया था।
केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर हो रहे आंदोलन के दौरान वरुण गांधी ने कहा था कि सरकार को किसानों से वार्ता करनी चाहिए। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की मांगें स्वीकार करते हुए पिछले साल नवंबर में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया था।
यूएपीए को हटाना बहुत जरूरी: शशि थरूर
उधर, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम को हटाने के लिए निजी सदस्य विधेयक पेश किया। उन्होंने भारत के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण, संवर्धन और सतत विकास व उससे जुड़े मामलों का प्रावधान करने के लिए भी एक विधेयक भी पेश किया।
थरूर ने कहा कि निजी सदस्य विधेयक लाने का विचार एक ऐसे कानून के होने से है जो यूएपीए को हटाएगा। इस कानून का बड़े स्तर पर दुरुपयोग हो रहा है। 66 फीसदी गिरफ्तारियां ऐसे मामलों में हुई हैं जिनमें किसी तरह की कोई हिंसा नहीं है। इन मामलों में लोगों को दोषी ठहराने की दर महज 2.4 फीसदी है। वहीं, कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक पेश किया।
इसके अलावा भाजपा के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने लोकसभा में जनसंख्या स्थिरता एवं नियंत्रण विधेयक, 2021 पेश किया। इसमें देश की जनसंख्या को नियंत्रित और स्थिर करने के लिए उपायों और विधियों का उल्लेख किया गया है। अग्रवाल ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अधिनियम, 1956 में संशोधन करने के लिए एक निजी सदस्य विधेयक भी पेश किया।
निजी सदस्य विधेयक का उद्देश्य सरकार का ध्यान उन मुद्दों की ओर आकर्षित करना है, जो सांसदों (मंत्रियों के अतिरिक्त) के मुताबिक महत्वपूर्ण हैं और जिसमें विधायी हस्तक्षेप की जरूरत है।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के 1,700 चार्जिंग स्टेशन बने
देश में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी 1,742 पहुंच गई है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि 25 मार्च तक इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या 10,76,420 हो चुकी है। मंत्रालय ने 14 जनवरी को इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए गाइड लाइन व मानक जारी किए थे।
मंत्रालय का लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक वाहनों से परिवहन को बढ़ावा देना है। इस काम के लिए ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने 40 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 8 शहरों मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरू, अहमदाबाद, पुणे और सूरत के लिए एक्शन प्लान जारी किये हैं।
भारी उद्योग मंत्रालय ने सरकारी कंपनियों व संगठनाें से भी बुनियादी ढांचे के विकास के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह काम एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमागों पर होने हैं। 16 हाइवे और एक्सप्रेस वे पर चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) नामक सरकारी कंपनी को काम सौंपा गया है। इसके लिए समझौता किया गया।
टोल किनारे चार्जिंग स्टेशन
समझौते के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण टोल प्लाजा व अपने परिसरों के निकट जमीन देगा। इन पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। यह काम राजस्व बंटवारे के मॉडल पर होगा, प्राधिकरण और ईईएसएल में कमाई बांटी जाएगी।
मेघालय में हिंदुओं को मिले अल्पसंख्यक दर्जा : छेत्री
तृणमूल कांग्रेस सांसद शांता छेत्री ने राज्यसभा में मेघालय में हिंदुओं को अल्पसंख्यक दर्जा देने की मांग की। शून्यकाल में मामले को उठाते हुए सांसद छेत्री ने कहा, मेघालय सरकार को संविधान के अधिनियम 29-30 के आधार पर हिंदुओं को अल्पसंख्यक दर्जा प्रदान करने के निर्देश दिए जाएं। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि किसी राज्य में हिंदू कम हैं, तो राज्य अल्पसंख्यक का दर्जा दे सकते हैं।
राज्यसभा में उठी दवा कीमतों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग
जरूरी दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए राज्यसभा सांसदों ने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। शून्यकाल में सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटस और शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, जहां हर चीज के दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट पहले ही बिगड़ा हुआ है, डीजल-पेट्रोल, कुकिंग गैस के दाम बढ़ रहे हैं, अब 1 अप्रैल से 800 दवाओं की कीमतों में 11 फीसदी बढ़ोतरी से काफी विपरीत असर पड़ेगा।
ब्रिटस ने कहा, दवा कीमतों में इतनी अप्रत्याशित बढ़ोतरी पहले कभी नहीं हुई। हेल्थ इमरजेंसी में लोगों का स्वास्थ्य बजट पहले ही बढ़ा हुआ है। इसके बाद बुखार, ह्दय रोग की दवाओं की बढ़ी कीमतों से और विपरीत असर पड़ेगा। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर 10.7% तक बढ़ोत्तरी की है।
भारतीय अंटार्कटिका विधेयक 2022 लोकसभा में पेश
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में भारतीय अंटार्कटिका विधेयक 2022 पेश किया। विधेयक में अंटार्कटिका में भारत की अनुसंधान गतिविधियों व पर्यावरण संरक्षण के लिए विनियमन ढांचा प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है। मंत्री ने कहा कि विधेयक अंटार्कटिका में गैरकानूनी गतिविधियों पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से लाया गया है। साथ ही एक पुरानी संधि के तहत यह अनिवार्य भी है।
क्षेत्रीय भाषाओं से एपीएस छात्रों पर पड़ेगा अनावश्यक बोझ : भट्ट
रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा, आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्रों का स्थान परिवर्तित होता रहता है, इसलिए क्षेत्रीय भाषाएं सिखाने से उन पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा। लोकसभा में भट्ट ने कहा, आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) में पढ़ने वाले छात्रों के माता-पिता की नौकरी की प्रकृति के कारण छात्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है। दूसरे स्कूलों के विपरीत सभी 136 एपीएस सेनाकर्मियों से जुड़े हैं।
दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर लागू होगा ‘कवच’
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारतीय रेलवे दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर ‘कवच’ तकनीकी लागू करने की योजना बना रही है। भारतीय रेलवे दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर 3,009 रूट किलोमीटर पर लागू अपनी अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक कवच को लागू करेगा। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 28 फरवरी 2022 तक यह तकनीकी दक्षिण मध्य रेलवे पर 1098 रूट किलोमीटर पर लागू किया गया है। आगे कवच 3009 रूट किमी पर लागू किया जाएगा।
कुलियों के बच्चों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं व शिक्षा
रेल मंत्री ने बताया, सहायकों (लाइसेंस प्राप्त कुली) और उनके परिवार के सदस्यों को रेलवे कर्मचारियों के समान चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही रेलवे की ओर से संचालित स्कूलों में उनके बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा उपलब्ध है।