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सवाल-जवाब: संसद में बोली सरकार- दक्षिण एशियाई देशों में चीन के बनाए बुनियादी ढांचे पर हमारी नजर

Fri, 17 Mar 2023 07:26 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Fri, 17 Mar 2023 07:26 AM IST
सार

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि भारत सभी पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण व परस्पर लाभकारी संबंध विकसित करने के लिए समर्पित है। हम अपने पड़ोसियों के सक्रिय आर्थिक सहयोगी हैं और वहां चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं में शामिल हैं।

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Parliament session Govt reply Aware of China funding of infrastructure projects in South Asian countries
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन - फोटो : ANI

विस्तार

दक्षिण एशियाई देशों में चीन की ओर से बुनियादी ढांचे में किए जा रहे निवेश की जानकारी केंद्र सरकार को है। इन देशों में चीन पुल, सड़कें, रेलवे और एयरपोर्ट आदि बना रहा है। राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया कि सरकार भारत की रक्षा से जुड़े सभी मामलों पर करीब से नजर रखती है और सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम उठाती रही है। उन्होंने बताया, भारत सभी पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण व परस्पर लाभकारी संबंध विकसित करने के लिए समर्पित है। हम अपने पड़ोसियों के सक्रिय आर्थिक सहयोगी हैं और वहां चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं में शामिल हैं।

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तीन देशों में भारतीयों पर नस्लीय हमले
एक अन्य जवाब में मुरलीधरन ने बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन व कनाडा में पिछले कुछ वर्षों में भारतीय मूल के लोगों और भारतीय नागरिकों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें से कुछ मामले नस्लीय हिंसा के हैं। इन तीनों देशों में भारतीय मिशन व दूतावास स्थानीय सरकार व भारतीय समुदायों के साथ संपर्क में हैं।
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फलस्तीन को समर्थन जारी रखेगा भारत
एक अन्य जवाब में मुरलीधरन ने बताया कि इस्राइल और फलस्तीन के बीच होने वाली झड़पों को लेकर भारत हमेशा चिंतित रहा है। भारत अलग-अलग तरीकों से फलस्तीन के लिए राजनीतिक, कूटनीतिक व विकास संबंधी सहयोग देता रहेगा। भारत दोनों देशों के साथ राजनयिक संबंध रखता है।
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1.20 लाख से ज्यादा ईपीएफओ सदस्यों ने किया ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन
देश में 1,20,279 लोगों ने ज्यादा पेंशन के लिए कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत 9 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर दिए हैं। राज्यसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने यह जानकारी दी। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2022 में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को इसके लिए चार महीने का वक्त दिया था। ईपीएफओ सदस्य 15 हजार की पेंशन योग्य वेतन सीमा पर योगदान करते हैं, जो उनके वास्तविक वेतन से कम होती है। नए विकल्प से ज्यादा योगदान पर ज्यादा पेंशन पाने का अवसर दिया गया है। तेली ने बताया कि कुल लाभार्थियों की संख्या संयुक्त विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों और पात्र कर्मचारियों की संख्या पर निर्भर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मासिक पेंशन की मात्रा भी पात्र सदस्यों द्वारा ज्यादा वेतन पर पेंशन का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों की संख्या पर निर्भर होगी।

ई-श्रम पर 28.64 करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने के उद्देश्य से शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल पर 10 मार्च 2023 तक कुल 28.64 करोड़ लोगों का पंजीकरण हुआ है। एक सवाल के लिखित उत्तर में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि इनमें 2.79 करोड़ घरेलू कामगार (13 मार्च 2023 तक) भी पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 2.67 करोड़ महिलाएं हैं।

चार श्रम संहिताओं पर कुछ राज्यों ने नहीं बनाए नियम
एक अन्य जवाब में रामेश्वर तेली ने बताया कि वेतन संहिता अधिनियम 2019 के लिए पांच राज्यों, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 व सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के लिए आठ-आठ राज्यों और व्यवसायगत सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियां संहिता, 2020 के लिए 10 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने अब तक ड्राफ्ट नियम पहले से प्रकाशित नहीं किए हैं। केंद्र और कई राज्य यह काम कर चुके हैं।

तेल कंपनियों को 18,622 करोड़ का घाटा, सरकार ने दिए 22 हजार करोड़
तीन बड़ी तेल कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल व एचपीसीएल को अप्रैल से दिसंबर 2022 के दौरान 18,622 करोड़ का घाटा हुआ है। इसकी पूर्ति के लिए सरकार ने 22,000 करोड़ की मदद दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने एक लिखित जवाब में यह आंकड़े सामने रखे। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2021 से मार्च 2023 के बीच कच्चे तेल के भारतीय बास्केट मूल्य में 23% बढ़ोतरी हुई। इस दौरान दिल्ली में प्रट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य में क्रमशः 1.8% व 3.40% की वृद्धि हुई।

बिजली संयंत्रों के पास 12 दिन का कोयला
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के मुताबिक देश के विद्युत उत्पादक संयंत्रों के पास 12 दिन का कोयला उपलब्ध है। संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह ने बताया कि सीईए कोयले की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखता है। 12 मार्च, 2023 की स्थिति के मुताबिक देश के ताप विद्युत संयंत्रों के पास 3.35 करोड़ टन कोयला उपलब्ध है। इतने कोयले से इन संयंत्रों को 85 फीसदी क्षमता के साथ 12 दिन तक चलाया जा सकता है।

सीएनजी दुनिया में 228 भारत में 83% महंगी
सीएनजी की कीमत को लेकर पूछे गए सवाल पर रामेश्वर तेली ने बताया कि जनवरी 2021 से फरवरी 2023 के दौरान अंतरराष्ट्रीय गैस सूचकांकों में सीएनजी की कीमत 228% तक बढ़ गई है। इसके विपरीत दिल्ली में इस दौरान कीमत में 83% की बढ़ोतरी ही हुई है।

सड़क हादसों में सबसे ज्यादा यूपी में लोगों ने गंवाई जान
देश में सड़क हादसों में उत्तर प्रदेश में लोगों ने सबसे ज्यादा जान गंवाई। घायलों के मामले में तमिलनाडु शीर्ष पर है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक लिखित जवाब में बताया कि सड़क हादसों सबसे 1,53,972 ज्यादा मौतें 2021 में हुईं, जबकि घायलों की सबसे ज्यादा तादाद 4,51,361 साल 2019 में दर्ज की गई। 2019 से 2021 के दौरान मौत के मामलों में यूपी शीर्ष पर रहा। तीन वर्ष में सड़क हादसों में उत्तर प्रदेश में कुल 63,031 लोगों ने जान गंवाई।

साइबर हमलों के लिहाज से ईवी चार्जिंग स्टेशन अतिसंवेदनशील
एक अन्य जवाब में गडकरी ने कहा कि ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन भी साइबर हमलों की नजर से अतिसंवेदनशील होते हैं। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी-इन) की रिपोर्ट में इनमें कमजोरियां मिली हैं। सीईआरटी-इन भारत में साइबर सुरक्षा घटनाओं पर नजर रखने के लिए अधिकृत है।

प्रतिभा पलायन रोकने को  बजट तीन गुना तक बढ़ाया
देश से प्रतिभा पलायन (ब्रेन-ड्रेन) को रोकने के लिए सरकार ने शोध व विकास पर खर्च में तीन गुना बढ़ोतरी की है। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2007-08 के 39,437.77 करोड़ रुपये की तुलना में तुलना में शोध व विकास का बजट 2017-18 तक बढ़ाकर 1,13,825.03 करोड़ रुपये किया गया है। यह लगभग तीन गुना की वृद्धि है।


शोध पर खर्च में छठवां स्थान
क्रय शक्ति समता लिहाज से भारत शोध व विकास पर खर्च करने में दुनिया में छठे स्थान पर है। इस मामले में अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी और दक्षिण कोरिया ही भारत से आगे हैं।

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