संसद की सुरक्षा में चूक के मामले ने सियासी माहौल गरमा दिया है। इस मुद्दे पर जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। घटना को बेहद गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि इस पर बहस करने की कोई जरूरत नहीं है और गहन जांच होनी चाहिए।
2 of 7
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
मामले की गंभीरता को कम करके न आंका जाए: पीएम
एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में प्रधानंत्री ने कहा, इस घटना की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष सभी जरूरी कदम उठा रहे हं। जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यह पता लगाना जरूरी है कि इसके पीछे कौन तत्व हैं और उनके क्या उद्देश्य हैं। इस पर बहस करने की कोई जरूरत नहीं है। इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए।
3 of 7
संसद की सुरक्षा में चूक।
- फोटो : एएनआई (फाइल)
क्या है पूरा मामला
लोकसभा में बुधवार को उस वक्त हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला था, जब दो युवक दर्शक दीर्घा से डेस्क पर कूदे और कलर स्मॉग निकालने लगे। इस दौरान पूरे हॉल में धुंआ हो गया। वहीं, उनके साथी भी संसद के बाहर इसी तरह का प्रदर्शन कर लगे। आरोपियों ने जांचकर्ताओं को बताया था कि उनका मकसद मणिपुर हिंसा, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना था। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
4 of 7
लोक सभा स्पीकर ओम बिरला (वीडियो ग्रैब)
- फोटो : यूट्यूब/संसद टीवी
घटना पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने क्या कहा
विपक्ष भारी सुरक्षा चूक के लिए सरकार की आलोचना कर रहा है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहा है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि लोकसभा के अंदर की सुरक्षा सचिवालय के दायरे में है और वह केंद्र को इसमें दखने नहीं देने देंगे। विपक्षी सांसदों के नारों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, सरकार लोकसभा सचिवालय की जिम्मेदारियों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। हम इसकी भी अनुमति नहीं देंगे।
5 of 7
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे।
- फोटो : सोशल मीडिया।
गृह मंत्री टीवी शो में बोल रहे, संसद में नहीं: खरगे
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सुरक्षा में सेंध एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा, हम संसद में गृहमंत्री का बयान मांग रहे हैं। लेकिन गृहमंत्री कुछ कह ही नहीं रहे हैं। न ही वह बयान दे रहे हैं। वह टीवी शो में बोल रहे हैं, लेकिन संसद के अंदर नहीं। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।