संसद: राहुल गांधी हिंदू धर्म-अहिंसा पर बयान देकर घिरे; सिख, इस्लाम और हिंदू धर्माचार्यों ने दी पढ़ने की नसीहत
संसद में राहुल गांधी का भाषण चर्चा में है। हिंदू धर्म पर बयान को लेकर सरकार के निशाने पर आए कांग्रेस सांसद राहुल पर संसदीय मर्यादाओं को ताक पर रखने का आरोप लग रहा है। संसद में नेताओं की जुबानी जंग के बाद अब धर्माचार्यों ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई है। उन्होंने राहुल को सभी धर्मों के बारे में पढ़ने की नसीहत दी है।
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विस्तार
पूरे समाज को बदनाम और अपमानित करने का आरोप
राहुल गांधी के भाषण पर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा, हिंदू सभी में भगवान को देखते हैं, हिंदू अहिंसक और उदार हैं। हिंदू कहते हैं कि पूरा विश्व उनका परिवार है और उन्हें हमेशा सभी के कल्याण, खुशी और सम्मान के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। हिंदुओं को हिंसक कहना या यह कहना कि वे नफरत फैलाते हैं, सही नहीं है। ऐसी बातें कहकर आप पूरे समाज को बदनाम और अपमानित कर रहे हैं। हिंदू समाज बहुत उदार है और यह ऐसा समाज है जो सभी को शामिल करता है और सभी का सम्मान करता है।
समाज आहत है, संत समाज में गुस्सा#WATCH | On Congress MP Rahul Gandhi's speech in Parliament, Swami Avdheshanand Giri says, "Hindus see God in everyone, Hindus are non-violent, accommodative and generous. Hindus say that the whole world is their family and they should always pray for everyone's welfare,… pic.twitter.com/yYCMDZZjBM
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 1, 2024
उन्होंने कहा, राहुल गांधी बार-बार कहते हैं कि हिंदू हिंसक हैं और हिंदू नफरत पैदा करते हैं... मैं उनके इन शब्दों की निंदा करता हूं। उन्हें ये शब्द वापस लेने चाहिए। पूरा समाज आहत है और संत समाज में गुस्सा है... उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।'
इस्लाम में अभयमुद्रा का जिक्र नहीं, अपना बयान सही करें राहुल
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, आज संसद में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि इस्लाम में अभयमुद्रा भी है। इस्लाम में मूर्ति पूजा का कोई जिक्र नहीं है, न ही किसी तरह की मुद्रा है। मैं इसका खंडन करता हूं, इस्लाम में अभयमुद्रा का कोई जिक्र नहीं है। मेरा मानना है कि राहुल गांधी को अपना बयान सही करना चाहिए।
किसी भी अन्य प्रतीकात्मक मुद्रा को इस्लाम से जोड़ना सही नहीं#WATCH | On Congress MP Rahul Gandhi's speech in Parliament, Syed Naseruddin Chishty, Chairman of All India Sufi Sajjadanashin Council, says, "While speaking in the Parliament today, Rahul Gandhi has said 'Abhayamudra' is also there in Islam. There is no mention of idol worship… pic.twitter.com/4dugkfmHU7
— ANI (@ANI) July 1, 2024
दरगाह अजमेर शरीफ के गद्दी नशीन हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कहा, "हमने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बयान सुना है। उन्होंने 'अभयमुद्रा' के प्रतीक को इस्लामी प्रार्थना या इस्लामी इबादत से जोड़ने की बात की है। हालांकि, इसका उल्लेख किसी भी पवित्र ग्रंथ या संतों की शिक्षाओं में नहीं है। किसी भी अन्य प्रतीकात्मक मुद्रा को इस्लाम के दर्शन और आस्था से जोड़ना सही बात नहीं है। मुझे लगता है कि राहुल गांधी को इस बात की समझ होनी चाहिए कि कौन से प्रतीक किस धर्म या आस्था से जुड़े हैं।
#WATCH | On Congress MP Rahul Gandhi's speech in Parliament, Haji Syed Salman Chishty, Gaddi Nashin-Dargah Ajmer Sharif says, "We have heard the statement made by the Leader of the Opposition Rahul Gandhi, in which he talked about linking the symbol of 'Abhayamudra' to Islamic… pic.twitter.com/95KHkadd2K
— ANI (@ANI) July 1, 2024
किसी भी धर्म के बारे में पूरी जानकारी के बिना नहीं बोलना चाहिए
बिहार में गुरुद्वारा पटना साहिब के अध्यक्ष जगजोत सिंह ने कहा, आज का दिन बहुत दुखद है। जिस तरह से विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन के सामने धर्मों को लेकर तथ्य पेश किए, मेरे हिसाब से उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने सदन में अधूरी जानकारी, गलत जानकारी पेश की। चाहे वह सिख धर्म हो, हिंदू धर्म हो या कोई और धर्म हो, जब तक किसी भी धर्म के बारे में पूरी जानकारी न हो नहीं बोलना चाहिए। पूरी जानकारी लेकर ही बोलना चाहिए।
1984 दंगा पीड़ितों से माफी मांगें राहुल#WATCH | On Congress MP Rahul Gandhi's speech in Parliament, Jagjot Singh, president of Gurudwara Patna Sahib says, "Today is a very sad day because the way our leader of opposition Rahul Gandhi presented facts about religions in front of the House, according to me he had no… pic.twitter.com/sxBE83Guxg
— ANI (@ANI) July 1, 2024
जगजोत सिंह ने कहा, यह बहुत अच्छी बात है कि उन्होंने हिंसा के बारे में बात की लेकिन उन्हें शायद 1984 में सिखों के साथ हुई हिंसा के बारे में पता नहीं है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि दिल्ली में ही बहुत से पीड़ित परिवार रह रहे हैं। राहुल गांधी को एक बार उनके पास जाकर माफी मांगनी चाहिए।
संसद में क्या बोले राहुल जिस पर बरपा है हंगामा
इससे पहले राहुल गांधी ने हिंदू धर्म और भगवान शिव की अभयमुद्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान शिव, गुरू नानक, ईसा मसीह, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर ने पूरी दुनिया को अभयमुद्रा का संकेत दिया। बकौल राहुल गांधी अभयमुद्रा का अर्थ है डरो मत और डराओ मत। अपने भाषण के साथ राहुल ने लोकसभा में भगवान शिव की तस्वीर भी दिखाई। इस पर सत्ता पक्ष की तरफ से घोर आपत्ति दर्ज कराई गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को तस्वीरें न दिखाने को कहा। हस्तक्षेप और टोका-टोकी से भरे अपने भाषण के दौरान कांग्रेस सासंद ने यह भी कहा कि अभयमुद्रा से पूरी दुनिया को साफ संदेश दिया गया है कि डरना और डराना मना है। उन्होंने इस्लाम का जिक्र करते हुए कहा, कुरान में भी इस बात का साफ उल्लेख है कि डराना मना है, लेकिन सत्ताधारी दल के लोग डराने के साथ-साथ हिंसा भी फैलाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और शाह ने जताई कड़ी आपत्ति
राहुल के भाषण के बीच में हस्तक्षेप कर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये विषय बहुत गंभीर है। पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहा गया है, जो गलत है। इस पर राहुल ने कहा, 'हिंदू का मतलब केवल भाजपा, आरएसएस और पीएम मोदी नहीं है।' गृह मंत्री शाह ने भी राहुल से माफी मांगने की मांग की।