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संसद 22 नवंबर 2019: पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिजनों को नहीं मिलेगी एसपीजी सुरक्षा

Fri, 22 Nov 2019 04:17 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 22 Nov 2019 04:17 PM IST
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parliament live updates uproar in lok sabha rajya sabha over different issues, govt to table bill
वेंकैया नायडू-ओम बिड़ला - फोटो : PTI

पूर्व प्रधानमंत्रियों के परिवार को भविष्य में एसपीजी सुरक्षा नहीं मिलेगी। इस संबंध में अगले हफ्ते लोकसभा में एक विधेयक लाया जाएगा। 

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केंद्र सरकार ने गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने के बाद यह कदम उठाने की तैयारी की है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को 1993 से एसपीजी सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे कुछ ही दिन पहले हटा दिया गया है। 
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संसद के शीतकालीन सत्र का आज पांचवा दिन है। संसद परिसर में कांग्रेस इलेक्टोरल बॉन्ड में पारदर्शिता लाए जाने को लेकर प्रदर्शन कर रही है। वहीं केंद्र सरकार ने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोकसभा में शुक्रवार को बिल पेश किया। 

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बीजिंग से कम समय में दिल्ली में प्रदूषण से निपट लेंगे: जावड़ेकर

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित देश में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर विभिन्न दलों द्वारा चिंता जताए जाने के बीच पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि बीजिंग को वायु प्रदूषण से निपटने में 15 साल लगे, हम दिल्ली में इससे कम समय में वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाएंगे। लोकसभा में वायु प्रदूषण एवं जलवायु परिवर्तन पर नियम 193 के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिये जन आंदोलन की जरूरत है। यह कोई राजनीतिक सवाल नहीं है। इससे हम सभी को मिल कर निपटना है और इसके लिये सतत प्रयास जरूरी है।


इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर पाबंदी वाला विधेयक लोकसभा में पेश

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) के उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर प्रतिबंध वाला एक विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट विधेयक, 2019 पेश किया। यह विधेयक कानून के बाद हाल ही में इस संबंध में जारी अध्यादेश की जगह लेगा।

केंद्र सरकार ने लोगों, खासकर युवाओं को ई-सिगरेट से होने वाले सेहत संबंधी खतरों का उल्लेख करते हुए इन उत्पादों पर रोक लगाने के लिए सितंबर महीने में अध्यादेश जारी किया था। सरकार ने इसके साथ ई-हुक्के को भी प्रतिबंधित किया है। अध्यादेश में कहा गया है कि पहली बार अपराध के मामले में एक वर्ष तक कैद अथवा एक लाख रुपए तक जुर्माना अथवा दोनों और अगले अपराध के लिए तीन वर्ष तक कैद और पांच लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

देश में प्रतिदिन 25 किलो टन प्लास्टिक कचरा निकल रहा

लोकसभा में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्लास्टिक कचरे पर लिखित जवाब में कहा कि देश में हर रोज 25 किलो टन प्लास्टिक कचरा निकल रहा है। इसमें से बस 60 फीसदी कचरा ही इकट्ठा हो पाता है, बाकी 40 प्रतिशत को उठाया ही नहीं जाता। जावड़ेकर ने कहा कि फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर में प्लास्टिक की मांग काफी ज्यादा बढ़ी है। इस वजह से प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि हरित विकल्प की तुलना में इसके सस्ते होने की वजह से चुनौती बढ़ी है। 


सभापति ने दूसरे मंत्री के स्थान पर दस्तावेज पेश करने पर बालियान को टोका

राज्यसभा में शुक्रवार को उस समय सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा हो गयी जब एक मंत्री के स्थान पर दूसरे मंत्री ने आसन की अनुमति के बिना आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखने की कोशिश की। सभापति एम वेंकैया नायडू ने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी के स्थान अन्य केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने मंत्रालय से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखने पर आपत्ति जताई। सभापति ने निर्देश दिया कि एक मंत्री के स्थान पर दूसरे मंत्री द्वारा दस्तावेज पेश किए जाने की स्थिति में आसन से पूर्व अनुमति ली जानी चाहिए। इस पर बालियान ने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें 10 मिनट पहले ही इस संबंध में जानकारी मिली थी।

राज्यसभा में उठा जेएनयू में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा

राज्यसभा में विपक्षी दलों ने जेएनयू में फीस बढ़ोत्तरी का मुद्दा उठाया और इसका विरोध कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया जबकि भाजपा के एक सदस्य ने फीस विरोध के विरोध में चल रहे आंदोलन के औचित्य पर सवाल उठाया। शून्यकाल में माकपा के राज्यसभा सदस्य के के रागेश ने सभापति की अनुमति से जेएनयू में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए इस मामले में सरकार को उसके फैसले की समीक्षा करने का निर्देश देने का सुझाव दिया।  इस दौरान भाजपा के प्रभात झा ने भी शून्यकाल के दौरान जेएनयू में फीस बढ़ोतरी और छात्रों के अधिकारों के नाम पर चल रहे आंदोलनों के औचित्य पर सवाल उठाया।


अगले महीने बुलाएंगे पर्यावरण मंत्रियों की बैठक : जावड़ेकर

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि अगले महीने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाई जा रही है जिसमें प्लास्टिक की समस्या से निपटने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर रणनीति पर चर्चा की जायेगी । जावड़ेकर ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, भाजपा की मेनका गांधी और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी।

बंद होना चाहिए सिंगल यूज प्लास्टिक

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, 'यह सदन 130 करोड़ देशवासियों का प्रतिनिधित्व करता है और मेरा मानना है कि पूरा सदन इस बात को मानेगा कि सिंगल यूज (एकल प्रयोग) प्लास्टिक को बंद कर देना चाहिए। यदि भारत के सांसद यह संकल्प लेते हैं तो यह संदेश इस देश के 130 करोड़ लोगों के बीच प्रसारित हो जाएगा।'

इलेक्टोरल बॉन्ड पर कांग्रेस ने किया था वॉकआउट

गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के विनिवेश और इलेक्टोरल बॉन्ड लो लेकर काफी हंगामा किया। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया था। कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने सरकार से इस मुद्दे पर चर्चा कराने और जेपीसी की जांच कराने की मांग की। गुरुवार को प्रदूषण के लेकर प्रकाश जावड़ेकर ने सरकार का पक्ष रखा।

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