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Parliament Live Updates: दिल्ली हिंसा के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा : अमित शाह

Thu, 12 Mar 2020 08:11 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 12 Mar 2020 08:11 PM IST
खास बातें

राज्यसभा में गुरुवार को दिल्ली हिंसा पर चर्चा जारी है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल समेत विपक्ष के नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की। इसके बाद गुरुवार शाम को दिल्ली हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से विपक्ष को जवाब देना शुरू किया है। यहां पढ़ें संसद की कार्यवाही से जुड़े अपडेट्स

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दिल्ली हिंसा पर लोकसभा में जवाब देते अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

लाइव अपडेट

07:25 PM, 12-Mar-2020
अमित शाह ने जस्टिस एस मुरलीधर के ट्रांसफर पर सफाई देते हुए कहा कि सरकार सिर्फ आदेश जारी करती है। सिफारिशें कॉलेजियम की ओर से होती हैं। इसलिए इसे किसी खास केस के साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए। यह एक नियमित ट्रांसफर था। जज की सहमति भी रिकॉर्ड में दर्ज है। 
07:21 PM, 12-Mar-2020
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं कि एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। पूछी गई जानकारियां वैकल्पिक है। किसी को भी एनपीआर से डरने की जरूरत नहीं है। इसमें कोई भी 'डी' (शंका) कैटेगरी नहीं है।'
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07:19 PM, 12-Mar-2020
अमित शाह ने कहा, 'दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने 27 को कहा कि मिलिट्री बुला लीजिए। इसका कोई अर्थ नहीं था क्योंकि तब तक दंगे शांत हो चुके थे। पर उनके इमोशन को मैं समझ सकता हूं क्योंकि उनके पार्षद के घर से ढेर सारी चीजें पकड़ी गई, उनको सस्पेंड करना पड़ा।'

 
07:08 PM, 12-Mar-2020
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चेहरे की पहचान करने के लिए सिर्फ ड्राइविंग लाइसेंस और मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। आधार कार्ड के उपयोग की खबरें गलत हैं। उन्होंने कहा, 'किसी की जान चली गई, कोई अपाहिज हो गया, किसी का घर जल गया और क्या निजता की बात करते हो? पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि जिसने दंगा किया, उसे कोर्ट के सामने पेश करे और कठोर से कठोर सजा दी जाए। हमने निजता को कोई भंग नहीं किया है।'
07:06 PM, 12-Mar-2020
गृह मंत्री ने कहा कि दोषी चाहे किसी भी धर्म, जाति या पार्टी के हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। 
07:06 PM, 12-Mar-2020
अमित शाह ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट हिंसा से दो दिन पहले शुरू हुए और 25 फरवरी को बंद हो गए। इन अकाउंट का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया गया। उनके आकाओं को लग रहा होगा कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन ये डिजिटल युग है, हम उन्हें ढूंढकर कानून के सामने पेश करेंगे। 
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06:57 PM, 12-Mar-2020
सीएए नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने वाला : शाह
दिल्ली हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह सरकार की ओर से विपक्ष को जवाब देना शुरू किया है। उन्होंने कहा, 'मैं मुस्लिम भाई और बहनों से यही कहना चाहता हूं कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर झूठा प्रचार फैलाया जा रहा है। यह कानून किसी की नागरिकता लेने नहीं बल्कि देने वाला है।'
 
05:42 PM, 12-Mar-2020
23 फरवरी दिल्ली के इतिहास का काला दिन : गुजराल 
शिरोमणि अकाली दल के सदस्य नरेश गुजराल ने राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर अपनी बात रखी। उन्होंने 23 फरवरी के दिन को दिल्ली के इतिहास का सबसे काला दिन बताया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक आग में पूरा शहर जल गया, हथियारबंद उपद्रवियों ने बेकसूर हिंदुओं और मुस्लिमों पर हमला किया। जबकि पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई। 

नरेश गुजराल ने कहा कि यह हिंसा मुझे 1984 के दंगों की याद दिलाते हैं, जब कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में भीड़ ने 3 दिनों तक हिंसा की थी। दिल्ली की सड़कों पर करीब 300 बेगुनाह लोग मारे गए थे। सिर्फ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही सच को सामने ला सकती है। 
03:34 PM, 12-Mar-2020
भड़काऊ भाषण वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई 

कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि यह हिंसा एक वायरस की वजह से हुई, जिसका नाम है सांप्रदायिक वायरस। यह वायरस उन लोगों ने फैलाया है, जो भाषण दे रहे हैं। मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि इन भाषण को देने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। 
03:09 PM, 12-Mar-2020

राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा शुरू

राज्यसभा में दिल्ली हिंसा पर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने कहा, 'यह साफ हो चुका है कि पुलिस उन लोगों की मदद कर रही थी जो हिंसा में शामिल थे। जिसके परिणामस्वरुप निर्दोष लोगों की जानें गईं जिनका दंगों से कोई लेना-देना नहीं था।'
 

 
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