फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   parliament budget session govt reply 110 YouTube channels banned since December 2021

सवाल-जवाब: देशविरोधी सामग्री के चलते बंद किए गए 110 यूट्यूब चैनल, जेलों में बंद हैं चार लाख से अधिक पेंशनर

Wed, 22 Mar 2023 07:02 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Wed, 22 Mar 2023 07:02 AM IST
विज्ञापन
parliament budget session govt reply 110 YouTube channels banned since December 2021
संसद (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI

केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि देशविरोधी सामग्री प्रसारित करने के मामले में दिसंबर, 2021 से अब तक 110 यूट्यूट चैनलों को बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि देश के खिलाफ प्रसारित सामग्री पर केबल टीवी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ठाकुर ने कहा कि 248 यूआरएल भी बंद किए गए हैं। वहीं, फेक न्यूज को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि पत्र सूचना कार्यालय की फैक्ट चेक यूनिट ने 1160 फेक न्यूजों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया है।

विज्ञापन


वहीं, देशभर में 31 दिसंबर, 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार 4.27 लाख पेंशनर जेलों में बंद हैं। एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ने बताया कि 31 दिसंबर, 2014 में यह संख्या 2.82 लाख थी, जो 2021 में बढ़कर 4.27 लाख पहुंच गई। जेलों में बंद इन पेंशनरों में से 90,037 लोग अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। वहीं, 42,211 लोग अनुसूचित जनजाति और 1.51 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के लाभार्थियों में 60 से ऊपर के 5,67,116 लोग
देश में फिलहाल 60 वर्ष से अधिक उम्र के 5,67,116 लोग राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से जुड़े हैं। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि ये वे लोग हैं, जिन्होंने एनपीएस के तहत 60 वर्ष तक योगदान दिया, अब उन्हें इसका लाभ मिल रहा है। अब तक पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में पुरानी पेंशन योजना लागू की दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होगा स्वदेशी एचपीवी टीका
व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में जल्द ही सर्वाइकल कैंसर के लिए दिया जाने वाला ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) का स्वदेशी टीका शामिल किया जा सकता है।  स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया, यूआईपी के तहत जून 2022 में 9 से 14 वर्ष तक की बच्चियों के एचपीवी टीके की सिफारिश की गई है। एक बार 80 फीसदी लड़कियों को टीका दिए जाने के बाद लड़कों के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के टीकाकरण की सिफारिश भी की गई है।

एक दशक में 96 से घटकर 45 जिलों तक सिमटी नक्सल हिंसा
बीते एक दशक में नक्सल हिंसा में 77 फीसदी की कमी आई है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि 2022 में 45 जिलों के 176 पुलिस थानों में नक्सल हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं। जबकि, 2010 में 96 जिलों के 465 पुलिस थाने हिंसा की चपेट में थे। नक्सल हिंसा से मौतों के मामलों में 90% कमी आई। 2010 में इसमें 1005 सुरक्षाकर्मी व आम लोगों, जबकि 2022 में 98 की मौत हुई। दिल्ली में दो साल में सांसदों के घर पर हुए चार हमले...दिल्ली में पिछले दो वर्ष में सांसदों के आवासों पर चार बार हमले हुए हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी  असदुद्दीन ओवैसी के सवाल पर लिखित जवाब के तौर पर दी। राय ने बताया कि चारों मामलों प्राथमिकी दर्ज की गई है और अब तक 16 लोग हमलों के आरोपों में गिरफ्तार किए गए हैं।

जलविद्युत संभावनाओं का अभी तक 29% ही दोहन  
भारत अपनी जलविद्युत संभावनाओं का 29 फीसदी ही दोहन कर पा रहा है। वहीं, अमेरिका और यूरोपीय संघ के विकसित देश 70 फीसदी तक दोहन कर रहे हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के अध्ययन के हवाले से विद्युत मंत्री आरके सिंह ने राज्यसभा को बताया कि 1978-1987 में देश में 1,45,320 मेगावॉट जलविद्युत उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई थी। लेकिन, इसमें से भारत फिलहाल महज 42,104.6 मेगावॉट (29 फीसदी) का ही दोहन कर पा रहा है। इसके साथ ही 15,023.5 मेगावाट की परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इनके पूरा होने के बाद जलविद्युत की संभावित क्षमता में से दोहन 10.3 फीसदी बढ़ जाएगा।

1.48 लाख करोड़ की अनुपूरक अनुदान मांग बिना बहस स्वीकृत
लोकसभा ने मंगलवार को हंगामे के बीच चालू वित्त वर्ष  के लिए 1.48 लाख करोड़ की अतिरिक्त अनुपूरक अनुदान मांग को बिना चर्चा के मंजूरी दे दी।  वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने 13 मार्च को लोकसभा में अनुपूरक मांग की दूसरी किस्त का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत संसद से 2,70,508.89 करोड़ के अतिरिक्त व्यय की मंजूरी मांगी गई। इसमें से 1,48,133.23 करोड़ का शुद्ध नकद व्यय शामिल है। शेष 1,22,374.37 करोड़ का व्यय मंत्रालयों व विभागों की बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियों और वसूली के जरिये समायोजित किया जाएगा। हंगामे की वजह से मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुपूरक मांग की दूसरी किस्त एवं संबंधित विनियोग विधेयक को बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इसके तहत अतिरिक्त व्यय में लगभग 36,325 करोड़ उर्वरक सब्सिडी और 25,000 करोड़ दूरसंचार विभाग के लिए है।

स्वास्थ्य पर शोध के लिए बजट बढ़ाए सरकार: स्थायी समिति
संसदीय समिति ने कहा है कि भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध पर निवेश अब भी काफी कम है। कम बजट के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान में प्रगति की रफ्तार धीमी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए यह टिप्पणी की। स्थायी समिति ने कोविड के अनुभवों और नई चुनौतियों को देखते हुए कहा है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध का 2025-26 तक जीडीपी का 0.1 फीसदी और स्वास्थ्य बजट का कम से कम 5 फीसदी बजट बढ़ाया जाना चाहिए।


पैनल में शामिल वकीलों की फीस बढ़ाए सरकार  
संसदीय मामलों की एक स्थायी समिति ने केंद्र सरकार के पैनल में शामिल वकीलों की फीस को बेहद मामूली करार दिया है। यह वकील विभिन्न उच्च न्यायालयों व अन्य फोरमों में केंद्र की ओर से पेश होते हैं। समिति ने सिफारिश की है कि बाजार दर के अनुपात में उचित फीस तय की  जानी चाहिए। भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति ने रिपोर्ट में कहा कि कहा कि पैनल में वकीलों को शामिल करने की गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। इससे चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed