Parliament attack: हमलावरों का गुरपतवंत से कनेक्शन खंगाल रही पुलिस, सोशल मीडिया से जुड़ रहीं कड़ियां
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विस्तार
13 दिसंबर 2023 को देश की संसद पर हमला करने वाले छह हमलावरों का पुलिस सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू से कनेक्शन खंगाल रही है। पुलिस को आशंका है कि स्वयं गुरपतवंत सिंह पन्नू या उसके हिंदुस्तानी हैंडलर्स ने इन हमलावरों की विचारधारा को देखते हुए इनसे संपर्क किया और उन्हें संसद पर हमला करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस इस बात की भी तलाश कर रही है कि क्या इसके बदले इन हमलावरों को पन्नू के द्वारा मोटी रकम चुकाई गई? आने वाले समय में इन रहस्यों पर से पर्दा उठ सकता है।
हमलावरों का पन्नू से कनेक्शन होने की आशंका के पीछे स्वयं उसकी वह धमकी है, जिसमें उसने 13 दिसंबर को संसद पर हमला करने की बात कही थी। पुलिस को आशंका है कि इस हमले की योजना काफी पहले से बना ली गई थी और हमले के लिए 13 दिसंबर का दिन चुना गया था। पन्नू इसके बहाने अपने पाकिस्तानी आकाओं को खुश करने की कोशिश कर रहा हो सकता है।
माना जा रहा है कि इस हमले के बहाने वह भारत में सनसनी पैदा कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता था। इससे उसकी पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के बीच पहुंच और स्वीकार्यता ज्यादा बड़ी हो जाएगी और इससे उसे लाभ होगा। इसके पहले दिल्ली मेट्रो की दीवारों पर एक-दो बार कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गई थीं। उसे भी पन्नू के गुर्गों की शरारत बताया गया था। इस बार वह कुछ बड़ा करके भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहता था और इसी के लिए उसने इन हमलावरों का इस्तेमाल किया।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, 2019-20 में राजधानी में हुए एक आंदोलन के समय भी पन्नू के तार कुछ लोगों से जुड़ते देखे गए थे। इस बार हुए हमलों में भी नीलम सिंह आजाद नाम की जिस महिला की संलिप्तता सामने आई है, वह उक्त आंदोलन के समय सक्रिय थी। इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि पन्नू ने भारत पर हमला करने के लिए इन हमलावरों की पहचान उसी समय कर ली हो। चूंकि, उस समय भी वह प्रदर्शनकारियों के बहाने भारत के विरुद्ध जहर उगलने का काम कर रहा था, अपने अनुसार सही समय की पहचान करके उसने यह हमला करवाया।
मोबाइल खोलेगा राज
हमलावरों ने गुरुग्राम में रुकने के दौरान जिस मोबाइल का इस्तेमाल किया था, उसमें हमले की योजना के साथ-साथ पन्नू गैंग से उसके कनेक्शन की असलियत सामने आ सकती है। पुलिस छठे आरोपी ललित झा की तलाश कर रही है, जो संसद पर हमले के बाद भागने में सफल रहा था। उसके पास में वह मोबाइल भी है, जिसमें आरोपियों की आपस में बातचीत और सीमापार से तार के कनेक्शन सामने आ सकते हैं। पुलिस का मानना है कि उक्त मोबाइल के हाथ लगते ही इस मामले की कई संवेदनशील कड़ियां सामने आ सकती हैं।