फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament approves bill for amendment Modification of policy failing in schools

बच्चे अब फेल नहीं होंगे! संशोधन विधेयक को संसद ने दी मंजूरी

Fri, 04 Jan 2019 04:48 AM IST
संदीप भट्ट भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Fri, 04 Jan 2019 04:48 AM IST
विज्ञापन
Parliament approves bill for amendment Modification of policy failing in schools

राज्यसभा ने आठवीं कक्षा तक फेल नहीं करने की नीति में संशोधन वाले विधेयक को बृहस्पतिवार को मंजूरी प्रदान कर दी। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उच्च सदन में नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2018 पर चर्चा के जवाब में कहा कि यह राज्यों को तय करना है कि वे नयी व्यवस्था अपनाते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में बच्चों को उसी कक्षा में रोकने या नहीं रोकने का अधिकार राज्यों के पास होगा।

विज्ञापन


उनके जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। वाम दलों के सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए सदन से वाकआउट किया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक की जरूरत की चर्चा करते हुए जावडेकर ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि पांचवीं कक्षा के छात्रों को तीसरी कक्षा का गणित भी नहीं आता। ऐसे में व्यवस्था में बदलाव की बात की जा रही थी।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की बैठक में भी यह बदलाव किए जाने की बात की गयी थी। उन्होंने कहा कि स्थायी समिति में भी इस बात पर एकराय थी। उन्होंने कहा कि कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी बल्कि स्कूलों में ही परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि पीछे रह जाने वाले छात्रों को दो महीने बाद एक और मौका भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में आठवीं कक्षा तक बच्चों के स्कूल छोड़ने की दरें कम हैं लेकिन नौवीं और दसवीं कक्षा में स्कूल छोड़ने की दरें काफी बढ़ जाती हैं। इससे पहले विधेयक पर हुयी चर्चा में कई सदस्यों ने सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार की जरूरत पर बल दिया वहीं कई सदस्यों ने आशंका जतायी कि विधेयक के प्रावधान लागू होने पर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ेगी। कई सदस्यों ने कहा कि परीक्षा में पास होने की जिम्मेदारी बच्चों पर नहीं डाली जानी चाहिए। कई सदस्यों ने बजट में शिक्षा पर होने वाले खर्च में वृद्धि का सुझाव दिया।


भाकपा के डी राजा ने इस विधेयक को व्यापक चर्चा के लिए प्रवर समिति में भेजे जाने का सुझाव दिया। राजद के मनोज कुमार झा ने भी विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि प्रणाली की नाकामयाबी का ठीकरा बच्चों पर फोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आधारभूत ढांचे का अभाव है और शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं। माकपा सदस्य के के रागेश ने कहा कि सरकारी पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में समस्या है लेकिन उसका निदान यह नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed