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अपने 14 माह के जिगर के टुकड़े का दिल देकर बचाई साढ़े तीन साल की बच्ची की जिंदगी
एजेंसी/मुंबई
Updated Thu, 07 Sep 2017 09:49 PM IST
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सांकेतिक चित्र
सूरत निवासी बच्चे के माता-पिता ने अपने 14 माह के ब्रेन डेड शिशु का हृदय दान कर मुंबई की साढ़े तीन साल की बच्ची का जीवन बचाने का अनुकरणनीय उदाहरण पेश किया है।
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इसी के साथ इस शिशु का नाम पश्चिम भारत के सबसे छोटे दानदाता के रूप में दर्ज होने का दावा किया गया है। शिशु के माता-पिता ने उसके सभी महत्वपूर्ण अंगों को दान करने की इजाजत दी है।
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मुंबई के फोर्टिस अस्पताल की ओर से बताया गया है कि यह छोटा बच्चा खेलते समय गिर गया था। उसे तत्काल सूरत के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
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इसके बाद एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन ने बच्चे के माता-पिता को उसके अंगदान करने की सलाह दी। बच्चे के माता-पिता की सहमति के बाद उसके गुर्दों को निकालकर अहमदाबाद के गुर्दा रोग संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र पहुंचाया गया।
बुधवार को उस शिशु का हृदय एक व्यावसायिक उड़ान के जरिए ग्रीन कॉरिडोर से 1.25 घंटे में कुल 331.7 किमी दूर मुंबई उपनगर के मुलुंड स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद उसके हृदय को नवी मुंबई के कलंबोली में रहने वाली एक साढ़े तीन साल की बच्ची को प्रत्यारोपित कर दिया गया।
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यह बच्ची डाइलेटेड कार्डियोम्योपैथी से पीड़ित थी। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रक्त आपूर्ति करने की हृदय की क्षमता कम होती जाती है। बच्ची अगस्त 2016 से किसी दानदाता के हृदय के इंतजार में थी।