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अभिभावकों ने रखी राय, कहा- 21 दिन तक  न आए कोई केस तभी खोलें स्कूल

Sat, 06 Jun 2020 06:12 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 06 Jun 2020 06:12 AM IST
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Parents gave their opinion, said - no case should come for 21 days, only open school
student at school - फोटो : पीटीआई

कोरोना महामारी के बीच जुलाई से स्कूल खोले जाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। भारत में लोकल सर्किल के एक ऑनलाइन सर्वे में यह बात सामने आई है कि ज्यादातर अभिभावक नहीं चाहते कि अभी स्कूल खोले जाएं। उनका कहना है कि स्कूल खुलने पर सामाजिक दूरी का पालन करना मुश्किल होगा। सर्वे में अधिकतर अभिभावकों ने कहा कि जब 21 दिन तक कोरोना का कोई केस न आए, तभी स्कूल खोले जाएं।

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कम्यूनिटी सोशल मीडिया प्लेटफार्म लोकल सर्किल ने एक जून से चार जून तक भारत में एक ऑनलाइन सर्वे कराया। इसमेें विभिन्न राज्यों से करीब 18 हजार अभिभावकों ने हिस्सा लिया। सर्वे में 37 फीसदी अभिभावकों ने कहा कि जब उनके इलाके में 21 दिन तक कोई केस ना आए, तभी स्कूल खोले जाएं। 13 फीसदी अभिभावकों ने कहा कि वैक्सीन आए, तभी स्कूल खुले।
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16 फीसदी का कहना था कि उनके राज्य में कोई नया केस नहीं आए तभी स्कूल खोले जाएं। 20 फीसदी अभिभावकों का कहना है कि देश में कोरोना के जीरो केस होने पर ही स्कूल खुलने चाहिए। 11 फीसदी ने कहा कि राज्य अपने एकेडमिक कैलेंडर के हिसाब से खोल सकते हैं। तीन फीसदी अभिभावकों ने कहा कि वह नहीं कह सकते कि कब खोले जाएं।
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भारत में कोविड-19 की स्थिति पहले के मुकाबले खराब हो चुकी है। लगातार केस बढ़ते जा रहे हैं। यह कहना मुश्किल है कि जुलाई तक हालात सुधरेंगे या नहीं। लोकल सर्किल, अपनी सर्वे रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्री, स्कूल सचिव व विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सौंपेगा।


जिससे कि स्कूल खोले जाने की गाइडलाइंस बनाते समय अभिभावकों के पक्ष का भी ध्यान रखा जा सके। लोकल सर्किल के जनरल मैनेजर अक्षय गुप्ता कहते हैं कि अन्य देशों के पैटर्न को देखते हुए माता-पिता स्कूल फिर से खोलने के लिए सुझाव दे रहे हैं। बच्चों में जोखिम को कम करने के लिए सावधानीपूर्वक योजना बनाने की जरूरत होगी।

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