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Maharashtra: देशमुख की जमानत अर्जी में दावा- खुद को बचाने के लिए परमबीर-वाजे ने हाथ मिलाया, जानें पूरा मामला
Thu, 06 Oct 2022 11:03 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 06 Oct 2022 11:03 PM IST
सार
सीबीआई की विशेष कोर्ट को गुरुवार को दी गई अर्जी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। यह जांच एजेंसियों की कल्पनाओं पर आधारित हैं।
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अनिल देशमुख
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने भ्रष्टाचार के एक मामले में स्थानीय कोर्ट में दी गई जमानत अर्जी में बड़ा दावा किया है। देशमुख ने कहा है कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह और बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मी सचिन वाजे ने सांठगांठ कर उन पर आरोप लगाए थे। उन्होंने ऐसा खुद को बचाने के लिए किया।
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सीबीआई की विशेष कोर्ट को गुरुवार को दी गई अर्जी में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। यह जांच एजेंसियों की कल्पनाओं पर आधारित हैं।
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दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही धन शोधन मामले की जांच के तहत राकांपा के 73 वर्षीय नेता को नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा दर्ज धन शोधन के मामले में मंगलवार को उन्हें जमानत दे दी थी। हालांकि, कोर्ट ने आदेश पर 13 अक्तूबर तक के लिए रोक भी लगा दी थी, ताकि एजेंसी फैसले के खिलाफ अपील कर सके। सीबीआई भी देखमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच कर रही है।
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देशमुख ने दावा किया है कि सीबीआई का पूरा मामला जिस बयान पर आधारित है वह पूरी तरह संदेहास्पद है। उन सभी लोगों की साख पर गंभीर सवाल उठता है। पूरा मामला परमबीर सिंह और भ्रष्ट पुलिसकर्मी सचिन वाजे के बयानों पर आधारित है, जिनके खिलाफ तमाम ठोस सबूत उपलब्ध हैं कि बार मालिकों से अवैध रूप से हफ्ता वसूलने में वह अकेला शामिल था। कोर्ट ने सीबीआई से देशमुख की जमानत अर्जी पर 14 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है।
छह अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई
बॉम्बे हाईकोर्ट में छह अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई है। कानून मंत्रालय ने यह जानकारी दी। कानून मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक संजय आनंदराव देशमुख, यानशिवराज गोपीचंद खोब्रागडे, महेंद्र वधुमाल चांदवानी, अभय सोपनराव बवाघवासे, रवींद्र मधुसूदन जोशी और वृषाली विजय जोशी इसी वरिष्ठता क्रम में दो साल के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश होंगे।