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तेवर नरम: पंकजा मुंडे बोलीं-सिद्धांतों के लिए धर्मयुद्ध का सही वक्त नहीं, कार्यकर्ताओं के इस्तीफे किए नामंजूर

Tue, 13 Jul 2021 04:24 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 13 Jul 2021 04:24 PM IST
सार

महाराष्ट्र की भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने मंगलवार को साफ कर दिया कि वह भाजपा नहीं छोड़ने वाली हैं। उन्होंने कहा केंद्र में मंत्री पद नहीं मिलने पर विरोधस्वरूप कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए इस्तीफे भी नामंजूर कर दिए। 
 

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Pankaja Munde said - Not the right time for a crusade for principles, resignation of workers rejected
pankaja munde - फोटो : ani

विस्तार

भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे स्व. गोपीनाथ मुंडे की बड़ी बेटी पंकजा मुंडे के तेवर मंगलवार को नरम दिखाई दिए। पंकजा ने छोटी बहन प्रीतम मुंडे को मोदी मंत्रिमंडल में पद नहीं मिलने पर नाराजगी तो जताई, लेकिन लगे हाथ यह भी कहा कि यह धर्मयुद्ध का सही वक्त नहीं है। पंकजा ने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना नेता बताते हुए नाराज कार्यकर्ताओं के इस्तीफे नामंजूर कर दिए। 

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पंकजा ने मंगलवार को अपने समर्थक पार्टी कार्यकर्ताओं से चर्चा की और इसके बाद ये बातें कहीं। पंकजा ने कहा कि कार्यकर्ताओं को विश्वास था कि हमें हालिया विस्तार में केंद्र में मंत्री पद मिलेगा। इस कारण कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप इस्तीफे का प्रस्ताव किया था। इसके साथ ही पंकजा ने अपने उन कार्यकर्ताओं के त्यागपत्र भी अस्वीकार कर दिए हैं जिन्होंने भाजपा छोड़ने की घोषणा की थी।पंकजा ने अपनी बहन प्रीतम के केंद्रीय मंत्री नहीं बन पाने के लिए महाराष्ट्र के भाजपा नेतृत्व को जिम्मेदार बताया। 
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भागवत कराड को मिला मंत्री बनने का मौका
भाजपा ने हालिया केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में राज्यसभा सांसद भागवत कराड को मौका दिया है, जबकि चर्चा प्रीतम मुंडे को लेकर चल रही थी। प्रीतम महाराष्ट्र की बीड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। प्रीतम को जगह नहीं मिलने से उनके समर्थक नाराज हैं। राज्य का वंजारी समुदाय विशेष रूप से खफा है। मुंडे बहनें महाराष्ट्र की ओबीसी नेताओं में अग्रणी हैं, लेकिन भाजपा ने अब कराड को आगे कर के नया नेतृत्व पैदा करने का प्रयास किया है। 
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