Sub-Categorisation of OBC: ओबीसी के उप-वर्गीकरण के लिए गठित आयोग को 13वां विस्तार! जुलाई के अंत में दाखिल करनी थी रिपोर्ट
सरकार ने 2 अक्टूबर, 2017 को संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए आयोग का गठन किया था।
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विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्य पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण और उनके लिए आरक्षित लाभों के समान वितरण की जांच करने के लिए गठित जस्टिस रोहिणी आयोग को छह महीने के विस्तार देने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्र के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया गया यह 13वां विस्तार है। सरकार ने 2 अक्टूबर, 2017 को संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए आयोग का गठन किया था। सूत्रों ने कहा कि विस्तार 31 जनवरी, 2023 तक दिया गया है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव आर सुब्रह्मण्यम ने संवाददाताओं से कहा था कि आयोग ने और विस्तार की मांग नहीं की थी और इस जुलाई के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के एक महीने बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। आयोग के कार्यों में केंद्रीय सूची में शामिल ऐसे वर्गों के संदर्भ में अन्य पिछड़ा वर्ग की व्यापक श्रेणी में शामिल जातियों या समुदायों के बीच आरक्षण के लाभों के असमान वितरण की सीमा की जांच करना, तंत्र, मानदंड और उनके उप-वर्गीकरण के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण तैयार करना शामिल है।
आयोग का कार्य अन्य पिछड़ा वर्ग की केंद्रीय सूची में संबंधित जातियों या समुदायों या उप-जातियों या समानार्थक शब्दों की पहचान करने और उन्हें उनके संबंधित उप-श्रेणियों में वर्गीकृत करना भी है।