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नागालैंड: 14 लोगों की मौत पर छाया मातम, मरने वालों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान
Wed, 08 Dec 2021 03:46 PM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Wed, 08 Dec 2021 03:46 PM IST
सार
नागालैंड में 14 लोगों की मौत पर मातम छाया है। नागा संस्थाओं ने मरने वालों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान किया है।
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नगालैंड हिंसा
- फोटो : Social media
विस्तार
नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत के बाद सीमावर्ती राज्य में मातम छाया है। इस घटना में मरने वालों के लिए पांच दिनों के शोक का आह्वान किया गया है। यह आह्वान यहां के विभिन्न नगा संस्थाओं ने किया है। वहीं, मामले में अधिकारियों ने बताया कि नगालैंड और सोम में स्थिति नियंत्रण में है। मगर अब लगभग सभी नगा जनजातियां सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफस्पा) को हटाने की मांग को लेकर एकजुट हो गई हैं।
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राज्यपाल आवास के सामने धरना देने की योजना
नगा छात्र संघ ने मृतकों के लिए न्याय की अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल आवास के सामने धरना देने की योजना बनाई है। नगा मदर्स एसोसिएशन और ग्लोबल नगा फोरम सहित कई शक्तिशाली नगा नागरिक संस्थाओं ने मंगलवार को राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी से मुलाकात कर अपनी अन्य मांगों के साथ इस बात पर भी जोर दिया कि सेना की छावनियों और असम राइफल्स के शिविरों को असैन्य क्षेत्रों से बाहर स्थानांतरित किया जाए। कोन्याक यूनियन ने भी अपनी मांगों की सूची में इस बात पर जोर दिया कि लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहने के कारण असम राइफल्स शिविर को नैतिक आधार पर जिले से वापस बुला लेना चाहिए।
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पांच लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा
राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। मृतकों में से प्रत्येक के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी जबकि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इतना ही राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) स्तर के एक अधिकारी की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का भी फैसला किया है।
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