पालघर भीड़ हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट की कॉपी मांगी
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महाराष्ट्र के पालघर जिले में पिछले साल अप्रैल में दो साधुओं समेत तीन लोगों की भीड़ द्वारा हत्या के मामले में बुधवार को उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र पुलिस को दूसरा पूरक आरोप पत्र रिकॉर्ड में दर्ज कराने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी की पीठ को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने बताया कि मामले में दूसरा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है। पीठ ने कहा कि नए आरोप पत्र को दो सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही न्यायालय ने इस मामले को इसके बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
Supreme Court asks Maharashtra government to place before it the second chargesheet filed by the police in Palghar lynching case. SC adjourned by two weeks a batch of pleas seeking for a probe by the National Investigation Agency (NIA) in the case
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— ANI (@ANI) February 24, 2021
पिछले साल सात सितंबर को महाराष्ट्र पुलिस ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि इस मामले में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के लिए पुलिस कर्मियों को सजा दी गई थी। पीठ ‘श्री पंच दशबन जूना अखाड़ा’ के साधुओं और मृतक साधुओं के परिजनों की ओर से दायर की गई याचिका समेत एक अन्य याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
याचिका में कहा गया है कि राज्य पुलिस ने पक्षपाती रवैया अपनाते हुए जांच की। एक अन्य याचिका में घटना की जांच एनआईए से करवाने की याचना की गई है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक सौ से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।