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Palamu Violence: सीमित लोगों के बीच हुई जुमे की नमाज, भगवान शिव की बारात रद्द, 40 पर FIR और 11 पकड़े गए
Fri, 17 Feb 2023 02:36 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 17 Feb 2023 02:36 PM IST
सार
मामले में अब तक 40 लोगों पर एफआईआर हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि इसमें 11 आरोपी पकड़े भी जा चुके हैं।
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पलामू में हिंसा
- फोटो : ANI
विस्तार
झारखंड में पलामू जिले के पांकी इलाके में महाशिवरात्रि से पहले प्रवेशद्वार (तोरणद्वार) बनाने को लेकर दो समुदाय में हुए हिंसक झड़प के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं। इलाके में अभी भी धारा 144 लागू है। इस बीच, शुक्रवार को सीमित लोगों के साथ जुमे की नमाज हुई। वहीं, प्रशासन ने भगवान शिव की बारात रद्द कर दी है। शिवरात्री पर चार से पांच लोगों को ही पूजा करने की अनुमति दी गई है। उधर, मामले में अब तक 40 लोगों पर एफआईआर हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि इसमें 11 आरोपी पकड़े भी जा चुके हैं।
दुकानें खुलने लगीं, हालात सामान्य होने लगे
जामा मस्जिद, पनकी के सुरक्षा प्रबंध निदेशक रामूज अंसारी ने कहा, 'हम प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। चूंकि धारा 144 लागू है, इसलिए मस्जिद का मुख्य द्वार बंद रहेगा और केवल चार व्यक्ति नमाज अदा करेंगे।' वहीं, दो दिन बाद शुक्रवार को क्षेत्र में दवा की दुकानें खोली गईं। एक मेडिकल दुकान के मालिक ने एएनआई से कहा कि उन्हें कभी भी दुकान बंद करने के लिए नहीं कहा गया था, लेकिन धारा 144 के कारण ग्राहकों की अनुपस्थिति में उन्होंने इसे बंद रखा।
पुलिस ने क्या कहा?
पलामू के आईजी राजकुमार लकड़ा ने कहा, 'दोनों समूहों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। उनकी ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। हम संतुलित तरीके से स्थिति को नियंत्रित कर रहे हैं। अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं जबकि 11 लो गों को हिरासत में लिया गया है। 40 लोगों पर नामजद एफआईआर है।'
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विवाद शुरु कैसे हुआ?
पांकी के राहेवीर पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है। इसकी तैयारी के तहत मंगलवार शाम कुछ लोग बांस-बल्ली और कपड़ा लेकर स्थानीय चौक पर पहुंच गए। चौक के सामने ही एक अन्य धर्मस्थल भी है। चौक पर तोरणद्वार बनाने पहुंचे लोगों को वहां मौजूद दूसरे समुदाय के लोगों ने कहा कि यहां हमारा धर्मस्थल है इसलिए तोरणद्वार यहां नहीं बनाएं। इसके बाद बिना तोरणद्वार बनाए ही वो लोग वापस लौट गए। बुधवार सुबह फिर से उसी जगह तोरणद्वार बनाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बात इतनी बढ़ी की सुबह साढ़े आठ बजे तक दोनों पक्षों से पत्थरबाजी शुरू हो गई । इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने आसपास की कुछ दुकानों को आग लगा दी गई। पलामू के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) राज कुमार लाकड़ा के मुताबिक, उपद्रवियों ने पत्थरबाजी, आगजनी की घटना की और दो-तीन घर आशिंक रूप से जलाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची। इस दौरान झड़प में दो पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। इस घटना में पुलिस के 4-5 जवान घायल हो गए हैं और एसडीओपी भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, पूरी घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है।
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दुकानें खुलने लगीं, हालात सामान्य होने लगे
जामा मस्जिद, पनकी के सुरक्षा प्रबंध निदेशक रामूज अंसारी ने कहा, 'हम प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। चूंकि धारा 144 लागू है, इसलिए मस्जिद का मुख्य द्वार बंद रहेगा और केवल चार व्यक्ति नमाज अदा करेंगे।' वहीं, दो दिन बाद शुक्रवार को क्षेत्र में दवा की दुकानें खोली गईं। एक मेडिकल दुकान के मालिक ने एएनआई से कहा कि उन्हें कभी भी दुकान बंद करने के लिए नहीं कहा गया था, लेकिन धारा 144 के कारण ग्राहकों की अनुपस्थिति में उन्होंने इसे बंद रखा।
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पुलिस ने क्या कहा?
पलामू के आईजी राजकुमार लकड़ा ने कहा, 'दोनों समूहों के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। उनकी ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। हम संतुलित तरीके से स्थिति को नियंत्रित कर रहे हैं। अगले एक-दो दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं जबकि 11 लो गों को हिरासत में लिया गया है। 40 लोगों पर नामजद एफआईआर है।'
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विवाद शुरु कैसे हुआ?
पांकी के राहेवीर पहाड़ी पर स्थित शिव मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जाती है। इसकी तैयारी के तहत मंगलवार शाम कुछ लोग बांस-बल्ली और कपड़ा लेकर स्थानीय चौक पर पहुंच गए। चौक के सामने ही एक अन्य धर्मस्थल भी है। चौक पर तोरणद्वार बनाने पहुंचे लोगों को वहां मौजूद दूसरे समुदाय के लोगों ने कहा कि यहां हमारा धर्मस्थल है इसलिए तोरणद्वार यहां नहीं बनाएं। इसके बाद बिना तोरणद्वार बनाए ही वो लोग वापस लौट गए। बुधवार सुबह फिर से उसी जगह तोरणद्वार बनाने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बात इतनी बढ़ी की सुबह साढ़े आठ बजे तक दोनों पक्षों से पत्थरबाजी शुरू हो गई । इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने आसपास की कुछ दुकानों को आग लगा दी गई। पलामू के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) राज कुमार लाकड़ा के मुताबिक, उपद्रवियों ने पत्थरबाजी, आगजनी की घटना की और दो-तीन घर आशिंक रूप से जलाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची। इस दौरान झड़प में दो पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। इस घटना में पुलिस के 4-5 जवान घायल हो गए हैं और एसडीओपी भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, पूरी घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है।