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पाकिस्तानी हिन्दू परिवार आना चाहता था भारत, बॉर्डर से लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो, सोनौली/महराजगंज
Updated Sun, 30 Oct 2016 08:03 AM IST
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नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कर रहे एक पाकिस्तानी हिन्दू परिवार के पांच सदस्यों को सीमा पर जांच के बाद उन्हें नेपाल वापस भेज दिया गया। पाकिस्तानी हिंदू परिवार काठमांडू में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में भाग लेने के बाद भारत की तीर्थ यात्रा करना चाह रहे थे।
शनिवार की दोपहर कराची पाकिस्तान मंदिर के पुजारी रामदास महराज अपनी माता और तीन सहयोगियों के साथ काठमांडू से सोनौली पहुंचे। वहां से जैसे ही भारतीय सीमा में घुसे, जांच कर रहे एसएसबी जवान और आव्रजन के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र के निमंत्रण पर नेपाल हिन्दू सम्मेलन में भाग लेने आए थे। भारत के तीर्थ स्थलों के दर्शनों की इच्छा हुई तो वीजा लेकर आया हूं।
जबकि आव्रजन के अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी हिन्दू परिवार का वीजा मुंबई पोर्ट के लिए 27 अक्टूबर तक का बना था। इस रास्ते भारत में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। यह रास्ता पाकिस्तानियों के लिए प्रतिबंधित है। एसएसबी कमांडेंट शिवदयाल ने बताया कि सभी लोगों को नेपाल वापस भेज दिया गया है।
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शनिवार की दोपहर कराची पाकिस्तान मंदिर के पुजारी रामदास महराज अपनी माता और तीन सहयोगियों के साथ काठमांडू से सोनौली पहुंचे। वहां से जैसे ही भारतीय सीमा में घुसे, जांच कर रहे एसएसबी जवान और आव्रजन के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र के निमंत्रण पर नेपाल हिन्दू सम्मेलन में भाग लेने आए थे। भारत के तीर्थ स्थलों के दर्शनों की इच्छा हुई तो वीजा लेकर आया हूं।
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जबकि आव्रजन के अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी हिन्दू परिवार का वीजा मुंबई पोर्ट के लिए 27 अक्टूबर तक का बना था। इस रास्ते भारत में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। यह रास्ता पाकिस्तानियों के लिए प्रतिबंधित है। एसएसबी कमांडेंट शिवदयाल ने बताया कि सभी लोगों को नेपाल वापस भेज दिया गया है।
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