Pakistan: दो मार्च को हो सकता है नई सरकार का गठन, चुनाव में धांधली को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची पीटीआई
Pakistan: पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव नौ मार्च से पहले कराने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। 29 फरवरी तक नवनिर्वाचित सदस्य शपथ ग्रहण करेंगे और दो मार्च तक नई सरकार का गठन होगा।
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पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) दो मार्च तक गठबंधन सरकार बनाने और नौ मार्च से पहले राष्ट्रपति चुनाव कराने की योजना पर आगे बढ़ रही हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएल-एन को पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की पीपीपी पार्टी का समर्थन मिलेगा। पीएमएल-एन अध्यक्ष शहबाज शरीफ की प्रधानमंत्री के पद पर वापसी लगभग तय है। उनके बड़े भाई नवाज शरीफ पहले ही प्रधानमंत्री पद के लिए उनके नाम का एलान कर चुके हैं। पार्टी ने साफ किया है कि नवाज शरीफ ऐसी सरकार नेतृत्व नहीं करना चाहते हैं, जिसमें संसद में पीएमएल-एन का बहुमत न हो।
दोनों प्रमुख सियासी दलों ने नेशनल असेंबली के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों से कम सीट पर जीत दर्ज की थी। इनमें ज्यादातर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के समर्थित उम्मीदवार हैं। सूत्रों के हवाले से 'न्यूज इंटरनेशनल' ने खबर दी है कि राष्ट्रपति चुनाव नौ मार्च से पहले कराने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। 29 फरवरी तक नवनिर्वाचित सदस्य शपथ ग्रहण करेंगे और दो मार्च तक नई सरकार का गठन होगा।
मौजूदा राष्ट्रपति आरिफ अल्वी का पांच साल का कार्यकाल पिछले साल सितंबर में समाप्त हो गया था। हालांकि, अपना निर्धारित संवैधानिक कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वह पद पर बने रहे। पीएमएल-एन, पीपीपी और उनके सहयोगी दल चाहते हैं कि सीनेट (पाकिस्तानी संसद का उच्च सदन) का मौजूदा कार्यकाल पूरा होने से पहले आठ मार्च तक राष्ट्रपति चुनाव हो जाएं और राष्ट्रपति के चुनाव के बाद सीनेट चुनाव कराए जाएं।
पीपीपी के वरिष्ठ नेता फारूक एच नाइक ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 41 के मुताबिक राष्ट्रपति चुनाव आम चुनाव के तीस दिनों के अंदर होने चाहिए। खबर में नाइक के हवाले से कहा गया, इसका मतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव नौ मार्च ले पहले होना है। राष्ट्रपति अल्वी अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति ततक अपने दायित्वों का पालन करने पर सहमत हुए थे। पिछले साल अगस्त में असेंबली को भंग कर दिया गया था और संवैधानिक समय सीमा के अनुसार चुनाव नहीं कराए गए थे।
सर्वोच्च न्यायालय पहुंची इमरान खान की पार्टी
इस बीच, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने आम चुनाव के नतीजों में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए आज शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखाया। इमरान खान पहले ही चुनाव में हेराफेरी और पीटीआई के जनादेश को चुराने का आरोप लगा चुके हैं। पीटीआई ने दावा किया है कि उसकी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने नेशनल असेंबली की 180 सीट पर जीत दर्ज की है। लेकिन धांधली के कारण यह संख्या घटकर 92 हो गई। इस तरह सत्ता में वापसी की उसकी संभावना कम हो गई।
पीटीआई के वरिष्ठ नेता शेर अफजल मारवात ने मीडिया को बताया कि उन्होंने चुनावी हेराफेरी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सिकंदर सुल्तान राजा और चुनाव आयोग (ईसीपी) के अन्य सदस्यों की नियुक्ति को भी चुनौती दी है।