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पाकिस्तान: सुप्रीम कोर्ट के एक और जज ने दिया इस्तीफा, अगले मुख्य न्यायाधीश बनने की दौड़ में थे; जानिए इसकी वजह
Thu, 11 Jan 2024 11:03 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:03 PM IST
सार
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश इजाजुल अहसान के इस्तीफे से पाकिस्तान में खलबली मच गई है। एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मजाहर अली अकबर नकवी ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा दिया था, जिस पर गुरुवार को राष्ट्रपति ने मुहर लगा दी।
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पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। तमाम राजनीति दलों ने अपनी-अपनी जीत दर्ज करने के लिए लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मजाहर अली अकबर नकवी के इस्तीफे के देने के एक दिन बाद पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश इजाजुल अहसान के इस्तीफे के एलान ने सभी को चौंका दिया है, जो अगले मुख्य न्यायाधीश बनने की दौड़ में थे।
राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को लिखे इस्तीफे पत्र में उन्होंने लिखा कि वह अब इस पद पर बने रहना नहीं चाहते हैं। पत्र में उन्होंने पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद का जिक्र करते हुए कहा कि मैं पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे लाहौर हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश और पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में सेवा करने का सम्मान और विशेषाधिकार मिला, जिसे में हमेशा याद रखूंगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले न्यायमूर्ति नकवी के इस्तीफे को राष्ट्रपति अल्वी ने गुरुवार को स्वीकार कर लिया था, जो सर्वोच्च न्यायिक परिषद की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर कदाचार के आरोप लगाए गए हैं। जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया था।
बता दें पाकिस्तान हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठतम न्यायाधीश इजाजुल अहसान उस पांच सदस्यीय पीठ का हिस्सा थे, जिसने 2017 में पनामाकोट मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराया था। न्यायाधीश इजाजुल अहसान को पनामागेट मामले के फैसले के कार्यान्वयन, निगरानी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया था। वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने न्यायाधीश नकवी और अहसान के इस्तीफे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें क्या लगता है कि उनके इस्तीफे से वे दोषमुक्त हो जाएंगे। उनके द्वारा किए गए अन्याय पर उन्हें जवाब देना होगा। औरंगजेब ने आरोप लगाया कि दोनों न्यायाधीशों ने लोगों के साथ नाइंसाफी की है।
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राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को लिखे इस्तीफे पत्र में उन्होंने लिखा कि वह अब इस पद पर बने रहना नहीं चाहते हैं। पत्र में उन्होंने पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद का जिक्र करते हुए कहा कि मैं पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे लाहौर हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश और पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में सेवा करने का सम्मान और विशेषाधिकार मिला, जिसे में हमेशा याद रखूंगा। गौरतलब है कि एक दिन पहले न्यायमूर्ति नकवी के इस्तीफे को राष्ट्रपति अल्वी ने गुरुवार को स्वीकार कर लिया था, जो सर्वोच्च न्यायिक परिषद की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर कदाचार के आरोप लगाए गए हैं। जिसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया था।
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बता दें पाकिस्तान हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठतम न्यायाधीश इजाजुल अहसान उस पांच सदस्यीय पीठ का हिस्सा थे, जिसने 2017 में पनामाकोट मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराया था। न्यायाधीश इजाजुल अहसान को पनामागेट मामले के फैसले के कार्यान्वयन, निगरानी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया था। वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने न्यायाधीश नकवी और अहसान के इस्तीफे पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें क्या लगता है कि उनके इस्तीफे से वे दोषमुक्त हो जाएंगे। उनके द्वारा किए गए अन्याय पर उन्हें जवाब देना होगा। औरंगजेब ने आरोप लगाया कि दोनों न्यायाधीशों ने लोगों के साथ नाइंसाफी की है।
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