...और पाकिस्तान भी भारतीय जांबाज अभिनंदन की बहादुरी का कायल हो गया
भारतीय वायुसेना का जांबाज पायलट अभिनंदन शुक्रवार को पाकिस्तान से स्वदेश पहुंच जाएगा।अभिनंदन की रिहाई के लिए भारत के कोने-कोने से आवाज आ रही थी तो वहीं पाकिस्तान के अंदर भी उसे सकुशल छोड़ने की बातें होने लगी थी। सोशल मीडिया पर एयर स्ट्राइक को लेकर दोनों देशों में अपने-अपने दावे किए जा रहे थे।उसी वक्त पायलट अभिनंदन की बहादुरी के चर्चे भी भारत-पाक में आम हो चले थे। पाकिस्तान भी भारतीय जांबाज अभिनंदन की बहादुरी का कायल हो गया। वहां अनेक संगठनों ने सोशल मीडिया पर अभिनंदन की रिहाई की मांग उठाई।
आखिर ऐसा क्या था कि पायलट अभिनंदन की बहादुरी पाकिस्तान के लोगों को भी रास आ गई। विंग कमांडर सीके शर्मा (सेवानिवृत) ने बताया, पाकिस्तान की जमीन पर अभिनंदन ने वही किया जो एक सैनिक को दुश्मन के इलाके में करना चाहिए। कोई गोपनीय दस्तावेज शत्रु राष्ट्र के हाथ न लगे, इसका अभिनंदन ने पूरा ध्यान रखा। हवाई फायर करने की जरूरत पड़ी तो वह भी किया। दुश्मन के हाथ कोई दस्तावेज न लग जाए, इसके लिए वह पानी में कूद पड़े। जब पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें पकड़ा तो जिस तरह से वे उनके सामने खड़े हुए, वह अपने आप में एक साहसिक कदम था।
उनका वीडियो बनाया गया, जिस दबंगई से उन्होंने अपना परिचय दिया, वह अंदाज भी पाकिस्तानी सोशल मीडिया में छा गया। इसके बाद कॉफी का मग लिए हुए उनका एक दूसरा वीडियो भी जारी हुआ। खास बात थी कि हर वीडियो और फोटोग्राफ में अभिनंदन जिस तरह से दिख रहे थे, उससे कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि वे दुश्मन की कैद में हैं और घबराए हुए हैं। जिस तरह से वे गर्दन सीधी और सीना चौड़ा कर बात कर रहे थे, पाकिस्तानी लोगों को पायलट अभिनंदन का यही रवैया बेहद पसंद आया।
'अभिनंदन की रिहाई ठोस और मानवता भरा कदम'
पाकिस्तानी लेखिका एवं पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो की पोती फातिमा भुट्टो ने ट्विटर पर लिखा, पाकिस्तान को अपनी यह नैतिकता जारी रखनी चाहिए। इससे ज्यादा ठीक यह होगा कि हम भारतीय पायलट को रिहा कर दें। इस अवसर पर शांति और मानवता के लिए हमारी प्रतिबद्धता बनी रहनी चाहिए। पाकिस्तान सरकार ने जब अभिनंदन को रिहा करने की घोषणा की तो भुट्टो ने लिखा, एक ठोस और मानवता भरा कदम।
अभिनंदन ने जब कहा, कि वह पाकिस्तानी आर्मी के मानवीय व्यवहार से प्रभावित हैं तो हमजा अली अब्बासी ने अल्लाह का धन्यवाद करते हुए लिखा, हम सिविल और परिपक्वता वाले देश में हैं।पाकिस्तानी रेडियो की ओर से भी बहुत ही सादगी भरे लहजे में अभिनंदन की रिहाई की सूचना दी गई। पाकिस्तानी संसद में अवामी मुस्लिम लीग के चीफ शेख रसीद ने जब बोलना शुरू किया तो अभिनंदन को लेकर उनकी जुबान पर एक भी गलत शब्द नहीं निकला। संसद के बाहर दूसरे कई सांसदों ने भी पायलट अभिनंदन के प्रति कुछ ऐसा-वैसा नहीं कहा।