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मुल्ला मंसूर पर हमला: पाक को थी ऑपरेशन की जानकारी, भारत-अफगान को शक
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Jun 2016 02:59 AM IST
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क्षतिग्रस्त गाड़ी और झुलसे शव से तालिबानी नेता मुल्ला मंसूर के यात्रा दस्तावेज मिलने पर उठे सवाल
- फोटो : BBC
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अमेरिकी ड्रोन हमले में तालिबानी नेता मुल्ला मंसूर और ड्राइवर का शरीर बुरी तरह झुलस गया। मिसाइल के सटीक निशाने में गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी को मंसूर के पास से उसका यात्रा दस्तावेज सही सलामत मिल गया। भारतीय खुफिया एजेंसियों और अफगानिस्तान की एजेंसी नेशनल डायरेक्टरेट ऑफ सिक्योरिटी (एनडीएस) को यह बात हजम नहीं हो रही है। इन एजेंसियों के मुताबिक मंसूर का यात्रा दस्तावेज मिलना बड़ी साजिश का हिस्सा है।
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खुफिया जानकारी के मुताबिक मंसूर की बलूचिस्तान में मौजूदगी की खबर पाकिस्तान को बखूबी थी। इतना ही नहीं पाकिस्तानी एजेंसी के कुछ उच्चपदस्थ अधिकारियों को अमेरिका के पूरे ऑपरेशन की जानकारी भी थी। मामले से जुड़े भारतीय एजेंसी के शीर्ष अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि धमाके की गरमी से शरीर और गाड़ी बुरी तरह जल जाए और कागज सही सलामत निकले यह संभव नहीं। सूत्रों के मुताबिक इसका सीधा मतलब है कि पाकिस्तानी एजेंसी हमले के तुरंत बाद वह यात्रा दस्तावेज गाड़ी में डाल कर उनकी नकली पहचान को सुनिश्चित करना चाहती है। ताकि वह इस मामले में अपनी अनभिज्ञता साबित कर सके। मंसूर की गाड़ी तक पहुंचने वाला पहला शख्स पाकिस्तानी एजेंसी से ही था।
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साजिश की पड़ताल के लिए पिछले हफ्ते राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रॉ प्रमुख राजेंद्र खन्ना और आईबी प्रमुख दिनेश्वर शर्मा के बीच अहम बैठक हुई है। अफगानी एजेंसी एनडीएस से भी जानकारियां साझा की जा रही है। गौरतलब है कि ड्रोन हमले के कुछ ही देर बाद पाकिस्तान ने पूरे मामले पर हैरानी जताते हुए कहा कि मंसूर की गाड़ी से मोहम्मद वाली नाम से यात्रा दस्तावेज मिले हैं। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वाली के नाम से यात्रा कर रहा मंसूर एक रात पहले ही ईरान की सीमा से पाकिस्तान में प्रवेश किया था।
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