फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pakistan government challenges Supreme Court decision nullifying anti-graft law amendments

Pakistan: भ्रष्टाचार विरोधी कानून संशोधन रद्द करने का मामला फिर कोर्ट में; पिछली शहबाज सरकार को लगा था झटका

Wed, 18 Oct 2023 03:54 PM IST
आदर्श शर्मा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 18 Oct 2023 03:54 PM IST
सार

15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दो-एक के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रीय जवाबदेही अध्यादेश (एनएओ) में पिछली सरकार द्वारा किए गए संशोधनों से लाभान्वित होने वाले जन प्रतिनिधियों को फिर से भ्रष्टाचार के संदर्भों का सामना करना पड़ेगा। 

विज्ञापन
Pakistan government challenges Supreme Court decision nullifying anti-graft law amendments
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

पिछली सरकार द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी कानून में किए संशोधनों को अवैध घोषित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सीधे तौर पर यह फैसला नवाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी जैसे नेताओं को प्रभावित करेगा। डॉन अखबार ने बुधवार को बताया कि सरकार ने मंगलवार को शीर्ष अदालत में एक इंट्रा-कोर्ट अपील (आईसीए) दायर की। इस दलील के साथ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के लिए 15 दिनों तक का समय मांगा कि बहुमत का निर्णय मामले के तथ्यों के खिलाफ और कानून के विपरीत था। टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) संशोधनों के माध्यम से मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया गया है। संसद के पास कानून बनाने का अधिकार सुरक्षित है।
विज्ञापन


15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दो-एक के बहुमत से फैसला सुनाया कि राष्ट्रीय जवाबदेही अध्यादेश (एनएओ) में पिछली शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए संशोधनों से लाभान्वित होने वाले जन प्रतिनिधियों को फिर से भ्रष्टाचार के संदर्भों का सामना करना पड़ेगा। देश के भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों में संशोधन रद्द कर दिए गए और फैसले के कारण सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के राजनेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार, पूछताछ और जांच फिर से शुरू हो गईं।
विज्ञापन


पाकिस्तान में जनवरी 2024 में चुनाव होने की उम्मीद है। आईसीए के माध्यम से सरकार ने तर्क दिया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जिन्होंने संशोधनों को चुनौती दी थी, को सुनवाई के दौरान 27 सुनवाई और खंडन प्रस्तुतियां देने के लिए अवसर दिए गए थे। इसके विपरीत, सरकार केवल पीठ के प्रश्नों का उत्तर देने तक ही सीमित थी। आईसीए ने कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष को अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए तीन महीने की अनुमति दी गई थी, लेकिन उसी समय या कम से कम तीन सप्ताह के अनुदान के लिए सरकार के अनुरोध पर विचार नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

Pakistan government challenges Supreme Court decision nullifying anti-graft law amendments
इमरान खान। - फोटो : अमर उजाला

कोर्ट ने इमरान खान को बेटों से फोन पर बात करने की इजाजत दी
पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने दोनों बेटों से फोन पर बातचीत करने की अनुमति दे दी। इमरान के बेटे सुलेमान खान और कासिम खान जेमिमा के साथ ब्रिटेन में रहते हैं। इमरान और जेमिमा का 2004 में तलाक हो गया था। विशेष अदालत के न्यायाधीश अबुल हसनत ज़ुल्करनैन ने अदियाला जेल अधिकारियों को इमरान खान को अपने बेटों से संपर्क करने की अनुमति देने के निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई की। इसके बाद उन्होंने जेल अधीक्षक को पूर्वप्रधान मंत्री को परिवार के सदस्यों को फोन करने की अनुमति देने का आदेश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed