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पाक सेनाप्रमुख बोले- सियासत से दूर रहना भारत से सीखो
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 14 Feb 2017 07:58 PM IST
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पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पिछले साल अपने पहले संबोधन में शीर्ष अधिकारियों को सलाह दी थी कि वे 'सेना को राजनीति से बाहर रखने में भारत की कामयाबी पर लिखी अमेरिकी एकेडमिक्स की किताबों' का अध्ययन करें।
दिसंबर के आखिरी सप्ताह में रावलपिंडी स्थित सैनिक छावनी के हेडक्वार्टर में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए बाजवा ने कहा कि सरकार चलाने में आर्मी की कोई भूमिका नहीं होती। पाकिस्तानी अखबार द नेशन की खबर के मुताबिक जनरल बाजवा ने अधिकारियों को स्टीवन आई विलकिंसन लिखित 'आर्मी और नेशनः स्वतंत्रता के बाद सेना और भारतीय लोकतंत्र' पढ़ने की सलाह दी। विलकिंसन येल यूनिवर्सिटी में भारत और दक्षिण एशिया अध्ययन विभाग में प्रोफेसर हैं।
2015 में आई यह किताब में इस परिप्रेक्ष्य को रेखांकित किया गया है कि किस तरह भारत सेना को राजनीति से अलग रखने में कामयाब रहा। साथ ही यह भी कि क्यों भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सफल रही।
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1980 में बलोच रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाले बाजवा को नवंबर 2016 में पाकिस्तान का सेना प्रमुख नियुक्त किया गया।
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दिसंबर के आखिरी सप्ताह में रावलपिंडी स्थित सैनिक छावनी के हेडक्वार्टर में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए बाजवा ने कहा कि सरकार चलाने में आर्मी की कोई भूमिका नहीं होती। पाकिस्तानी अखबार द नेशन की खबर के मुताबिक जनरल बाजवा ने अधिकारियों को स्टीवन आई विलकिंसन लिखित 'आर्मी और नेशनः स्वतंत्रता के बाद सेना और भारतीय लोकतंत्र' पढ़ने की सलाह दी। विलकिंसन येल यूनिवर्सिटी में भारत और दक्षिण एशिया अध्ययन विभाग में प्रोफेसर हैं।
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2015 में आई यह किताब में इस परिप्रेक्ष्य को रेखांकित किया गया है कि किस तरह भारत सेना को राजनीति से अलग रखने में कामयाब रहा। साथ ही यह भी कि क्यों भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सफल रही।
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1980 में बलोच रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाले बाजवा को नवंबर 2016 में पाकिस्तान का सेना प्रमुख नियुक्त किया गया।