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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पहलगाम आतंकी हमले का मामला, पर्यटकों की सुरक्षा की मांग को लेकर PIL दाखिल
Wed, 23 Apr 2025 02:54 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 23 Apr 2025 02:54 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में पहाड़ी राज्यों में सशस्त्र सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग को लेकर जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि गृह मंत्रालय और राज्यों को पहाड़ी स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल की तैनाती के निर्देश दिए जाएं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
ये भी पढ़ें: ये सिसकियां कलेजा चीर देंगी! उन परिवारों की कहानी, जो खुशियां ढूंढने गए, गम लेकर लौटे
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इस घटना के बाद पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यों को पहाड़ी राज्यों और दूरदराज के स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपाय करने और उन स्थानों पर सशस्त्र बल तैनात करने के निर्देश देने की मांग की गई है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
याचिका में पर्यटन स्थलों, विशेषकर दूरदराज के पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में उचित चिकित्सा सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। याचिका में कहा गया है कि उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर करती है, क्योंकि गर्मियों के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। आतंकी हमले इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में पर्यटकों के लिए सुरक्षा उपाय करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
ये भी पढ़ें: हाफिज सईद का करीबी, पाकिस्तानी सेना से नजदीकी, कौन है पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड सैफुल्लाह खालिद
याचिका में कहा गया कि पहलगाम हमले में किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि यह एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे स्थानों की सशस्त्र सुरक्षा होनी चाहिए। केवल ऐसे उपायों से ही हम पर्यटकों को आतंकी हमलों से बचा सकते हैं। याचिकाकर्ता ने कश्मीर में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश देने की मांग की है।
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं।
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इस घटना के बाद पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यों को पहाड़ी राज्यों और दूरदराज के स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपाय करने और उन स्थानों पर सशस्त्र बल तैनात करने के निर्देश देने की मांग की गई है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
याचिका में पर्यटन स्थलों, विशेषकर दूरदराज के पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में उचित चिकित्सा सुविधाएं स्थापित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। ताकि आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। याचिका में कहा गया है कि उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन क्षेत्र पर निर्भर करती है, क्योंकि गर्मियों के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। आतंकी हमले इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में पर्यटकों के लिए सुरक्षा उपाय करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
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याचिका में कहा गया कि पहलगाम हमले में किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि यह एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे स्थानों की सशस्त्र सुरक्षा होनी चाहिए। केवल ऐसे उपायों से ही हम पर्यटकों को आतंकी हमलों से बचा सकते हैं। याचिकाकर्ता ने कश्मीर में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश देने की मांग की है।
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