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रिसाइकिल प्लास्टिक में नहीं होगी खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग
Fri, 04 Jan 2019 04:43 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 04 Jan 2019 04:43 AM IST
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एफएसएसएआई ने खाद्य इकाइयों को निर्देश दिया है कि 1 जुलाई, 2019 से खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग नए मानकों के अनुरूप होगी। नए नियमों के तहत पैकेजिंग में रिसाइकिल प्लास्टिक और अखबार का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अपने दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा है कि रिसाइकिल प्लास्टिक से बने कैरी बैग आदि का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
यह फैसला अखबार और अन्य प्लास्टिक कैरी बैग में इस्तेमाल स्याही और डाई में कैंसरकारक तत्व पाए जाने की सूचना के बाद लिया गया है। एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि देश में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है।
प्रतिबंधों के तहत पैकेजिंग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की सूची भी बनाई जाएगी और इसे भारतीय मानकों पर भी परखा जाएगा। नया नियम खाद्य सुरक्षा मानकों के 2011 में बनाए गए नियम की जगह लेगा और खाद्य क्षेत्र में पैकेजिंग और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करेगा। इसका प्राथमिक लक्ष्य खाद्य पदार्थ को सूक्ष्मजीवों, रसायन और वातावरणीय प्रदूषण से बचाना और उपभोक्ता की सेहत का ध्यान रखना है।
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नए नियमों को असंगठित क्षेत्र में लागू करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लिहाजा इसके लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है। नए मानक लागू करने के लिए शेयरधारकों और आम जनता के बीच जागरुकता फैलाना भी बेहद जरूरी है।
-पवन अग्रवाल, सीईओ, एफएसएसएआई
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यह फैसला अखबार और अन्य प्लास्टिक कैरी बैग में इस्तेमाल स्याही और डाई में कैंसरकारक तत्व पाए जाने की सूचना के बाद लिया गया है। एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि देश में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को अगले स्तर पर ले जाने के लिए यह प्रतिबंध लगाया जाना जरूरी है।
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प्रतिबंधों के तहत पैकेजिंग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की सूची भी बनाई जाएगी और इसे भारतीय मानकों पर भी परखा जाएगा। नया नियम खाद्य सुरक्षा मानकों के 2011 में बनाए गए नियम की जगह लेगा और खाद्य क्षेत्र में पैकेजिंग और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करेगा। इसका प्राथमिक लक्ष्य खाद्य पदार्थ को सूक्ष्मजीवों, रसायन और वातावरणीय प्रदूषण से बचाना और उपभोक्ता की सेहत का ध्यान रखना है।
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नए नियमों को असंगठित क्षेत्र में लागू करना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लिहाजा इसके लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है। नए मानक लागू करने के लिए शेयरधारकों और आम जनता के बीच जागरुकता फैलाना भी बेहद जरूरी है।
-पवन अग्रवाल, सीईओ, एफएसएसएआई