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कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला, पी चिदंबरम बोले-ये जीएसटी अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:10 PM IST
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चिदंबरम
- फोटो : ani
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मोदी सरकार का जीएसटी बिल्कुल अधूरा है। यह कहना गलत है कि अब भारत एक राष्ट्र, एक टैक्स वाला भूभाग बन गया है क्योंकि इसके तहत टैक्स की सात या इससे ज्यादा दरें लागू हैं। यह कहना है पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहे पी. चिदंबरम का।
चिदंबरम ने सरकार से जीएसटी से बाहर रखे गए पेट्रोल, बिजली, रियल एस्टेट को भी शामिल करने की मांग की। जबकि आबकारी को राज्य का विषय मानते हुए तालमेल और बातचीत करने की बात कही है। चिदंबरम ने विश्वास जताया कि जिस तरह देश में वैट सफल रहा उसी तरह जीएसटी भी हो सकता है, लेकिन इसके लिए लोगों को कुछ समय देना होगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जीएसटी बिल को पास करने के बाद भी धारा 370 की वजह से इसे लागू होने को कठिन काम बताया।
वीडियो: इजरायल में पीएम मोदी ने गिनाई GST की खूबियां
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बकौल चिदंबरम, यह वो जीएसटी नहीं है जिसकी अवधारणा यूपीए के कार्यकाल में बनी थी। जब सरकार 0.25, 3, 5, 12, 18, 28 और 40 फीसदी या इससे भी ऊंची दरें वसूल रही है तो इसे एक राष्ट्र, एक टैक्स कैसे कहा जा सकता है। यह तो जीएसटी के साथ मजाक है। इसके मद्देनजर कांग्रेस टैक्स की दरें कम करने और अधिकतम रेट 18 फीसदी करने के लिए दबाव बनाएगी। साथ ही, जीएसटी कानून में मुनाफाखोरी पर अंकुश के कड़े प्रावधानों के दुरुपयोग पर भी नजर रखी जाएगी।
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि अधिकारी और कारोबारी इसके लिए तैयार नहीं थे। इसके मद्देनजर इसे दो महीने के लिए टाल दिया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस देश भर में सभा और सम्मेलनों के जरिये जनता को बताएगी कि जीएसटी की असली जन्मदाता वही है। साथ ही, असली जीएसटी लागू करने के लिए माहौल भी तैयार किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा भी कह चुके हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जीएसटी का जो खाका बनाया था, उसे लागू नहीं किया गया।
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चिदंबरम ने सरकार से जीएसटी से बाहर रखे गए पेट्रोल, बिजली, रियल एस्टेट को भी शामिल करने की मांग की। जबकि आबकारी को राज्य का विषय मानते हुए तालमेल और बातचीत करने की बात कही है। चिदंबरम ने विश्वास जताया कि जिस तरह देश में वैट सफल रहा उसी तरह जीएसटी भी हो सकता है, लेकिन इसके लिए लोगों को कुछ समय देना होगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जीएसटी बिल को पास करने के बाद भी धारा 370 की वजह से इसे लागू होने को कठिन काम बताया।
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बकौल चिदंबरम, यह वो जीएसटी नहीं है जिसकी अवधारणा यूपीए के कार्यकाल में बनी थी। जब सरकार 0.25, 3, 5, 12, 18, 28 और 40 फीसदी या इससे भी ऊंची दरें वसूल रही है तो इसे एक राष्ट्र, एक टैक्स कैसे कहा जा सकता है। यह तो जीएसटी के साथ मजाक है। इसके मद्देनजर कांग्रेस टैक्स की दरें कम करने और अधिकतम रेट 18 फीसदी करने के लिए दबाव बनाएगी। साथ ही, जीएसटी कानून में मुनाफाखोरी पर अंकुश के कड़े प्रावधानों के दुरुपयोग पर भी नजर रखी जाएगी।
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि अधिकारी और कारोबारी इसके लिए तैयार नहीं थे। इसके मद्देनजर इसे दो महीने के लिए टाल दिया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस देश भर में सभा और सम्मेलनों के जरिये जनता को बताएगी कि जीएसटी की असली जन्मदाता वही है। साथ ही, असली जीएसटी लागू करने के लिए माहौल भी तैयार किया जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा भी कह चुके हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जीएसटी का जो खाका बनाया था, उसे लागू नहीं किया गया।