{"_id":"660a79d5ccb437e3c10ec5c6","slug":"p-chidambaram-lashes-out-at-prime-minister-narendra-modi-over-his-statement-on-katchatheevu-issue-2024-04-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Congress: इंदिरा सरकार ने कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को क्यों दिया, चिदंबरम ने दिया तर्क, PM मोदी पर साधा निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Congress: इंदिरा सरकार ने कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को क्यों दिया, चिदंबरम ने दिया तर्क, PM मोदी पर साधा निशाना
Mon, 01 Apr 2024 02:44 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:44 PM IST
सार
Katchatheevu Issue: मीडिया से बात करते हुए चिदंबरम ने बताया कि समझौता 1974 और 1976 में हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी आरटीआई में दिए गए हालिया जवाब के आधार पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि उन्हें 27 जनवरी 2015 के आरटीआई के जवाब को देखना चाहिए, जब जयशंकर विदेश सचिव थे।
विज्ञापन
पी. चिदंबरम
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कच्चातिवु द्वीप मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्ट और केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की प्रेस कॉन्फेरेंस पर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि भाजपा इस मामले में बेतुका आरोप लगा रही है।
चिदंबरम का पीएम मोदी पर पलटवार
मीडिया से बात करते हुए चिदंबरम ने कहा, "यह समझौता 1974 और 1976 में हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी आरटीआई में दिए गए हालिया जवाब के आधार पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि उन्हें 27 जनवरी 2015 के आरटीआई के जवाब को देखना चाहिए, जब जयशंकर विदेश सचिव थे। उस जवाब में स्पष्ट रूप से कहा गया कि बातचीत के बाद यह द्वीप अंतर्राष्ट्रीय सीमा के श्रीलंकाई हिस्से में है। इंदिरा गांधी ने क्यों स्वीकार किया कि यह श्रीलंका का है? क्योंकि श्रीलंका में छह लाख तमिल पीड़ित थे और वह भारत आना चाहते थे। इस समझौते के बाद छह लाख तमिल भारत आए और वे अब यहां सभी मानवाधिकारों का आनंद ले रहे हैं।"
चिदंबरम ने दावा किया कि इसका प्रभाव इंडी गठबंधन के पक्ष में पड़ेगा। भाजपा को केरल और तमिलनाडु मं एक भी सीट नहीं मिलने वाला है। तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस के पास भाजपा से बेहतर संख्या होगी।
विज्ञापन
चिदंबरम का पीएम मोदी पर पलटवार
मीडिया से बात करते हुए चिदंबरम ने कहा, "यह समझौता 1974 और 1976 में हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी आरटीआई में दिए गए हालिया जवाब के आधार पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि उन्हें 27 जनवरी 2015 के आरटीआई के जवाब को देखना चाहिए, जब जयशंकर विदेश सचिव थे। उस जवाब में स्पष्ट रूप से कहा गया कि बातचीत के बाद यह द्वीप अंतर्राष्ट्रीय सीमा के श्रीलंकाई हिस्से में है। इंदिरा गांधी ने क्यों स्वीकार किया कि यह श्रीलंका का है? क्योंकि श्रीलंका में छह लाख तमिल पीड़ित थे और वह भारत आना चाहते थे। इस समझौते के बाद छह लाख तमिल भारत आए और वे अब यहां सभी मानवाधिकारों का आनंद ले रहे हैं।"
विज्ञापन
#WATCH | Sivaganga, Tamil Nadu: On PM Modi's tweet and EAM S Jaishankar's press conference on the Katchatheevu issue, Congress leader & RS MP, P Chidambaram says, "It's an absurd allegation. This agreement was arrived at in 1974 and 1976. PM Modi is referring to a recent RTI… pic.twitter.com/IKUHvUzSyZ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 1, 2024
चिदंबरम ने दावा किया कि इसका प्रभाव इंडी गठबंधन के पक्ष में पड़ेगा। भाजपा को केरल और तमिलनाडु मं एक भी सीट नहीं मिलने वाला है। तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस के पास भाजपा से बेहतर संख्या होगी।
#WATCH | Sivaganga, Tamil Nadu: On the Katchatheevu issue and its impact on elections, Congress leader & RS MP, P Chidambaram says, "It will have an impact in INDIA alliance favour. BJP will get zero seats in Kerala, and zero in Tamil Nadu. In Telangana and Karnataka, the… pic.twitter.com/DUXsyBYYIT
— ANI (@ANI) April 1, 2024
चीन के मुद्दे पर क्यों नहीं बोलते पीएम मोदी- चिदंबरम
इस बीच, पीएम मोदी को आड़े हाथ लेते हुए चिंदबरम ने कहा कि वो सुलझे हुए मुद्दे कच्चातिवु के बजाए चीन की आक्रामकता पर बोलें। 2,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर चीनी सैनिकों का कब्जा है और यह एक सच्चाई है। फिर भी, पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में कोई भी चीनी सैनिक मौजूद नहीं है और भारतीय क्षेत्र का कोई भी हिस्सा चीनी सैनिकों के कब्जे में नहीं है। यह बात पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से सभी दलों और सभी मुख्यमंत्रियों से कही थी और उन्होंने चीन को क्लीन चिट दे दी थी। चीनी मीडिया ने पूरी दुनिया में यह प्रचारित किया कि भारतीय पीएम ने उनके देश को क्लीन चिट दे दी है। जबकि ऐसा नहीं है, चीन का हमारे क्षेत्र पर कब्जा है। मैं पीएम मोदी से अपील करता हूं कि वह इस पर कुछ बोलें।
इस बीच, पीएम मोदी को आड़े हाथ लेते हुए चिंदबरम ने कहा कि वो सुलझे हुए मुद्दे कच्चातिवु के बजाए चीन की आक्रामकता पर बोलें। 2,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर चीनी सैनिकों का कब्जा है और यह एक सच्चाई है। फिर भी, पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में कोई भी चीनी सैनिक मौजूद नहीं है और भारतीय क्षेत्र का कोई भी हिस्सा चीनी सैनिकों के कब्जे में नहीं है। यह बात पीएम मोदी ने सार्वजनिक रूप से सभी दलों और सभी मुख्यमंत्रियों से कही थी और उन्होंने चीन को क्लीन चिट दे दी थी। चीनी मीडिया ने पूरी दुनिया में यह प्रचारित किया कि भारतीय पीएम ने उनके देश को क्लीन चिट दे दी है। जबकि ऐसा नहीं है, चीन का हमारे क्षेत्र पर कब्जा है। मैं पीएम मोदी से अपील करता हूं कि वह इस पर कुछ बोलें।