महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी तीन महीने बढ़ाने पर चिदंबरम ने उठाया सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 01 Aug 2020 10:33 PM IST
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पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
पी चिदंबरम (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी तीन महीने और बढ़ा दी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है। चिदंबरम ने ट्वीट कर पूछा है कि आखिर 61 साल की महबूबा मुफ्ती सुरक्षा के लिए कैसे खतरा हैं? चिदंबरम ने ट्वीट में लिखा, 'पीएसए के तहत महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी का विस्तार करना, कानून का दुरुपयोग है और ये प्रत्येक नागरिक को संवैधानिक अधिकारों को मिलने वाली गारंटी पर हमला है।
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61 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री, 24 घंटे सुरक्षा गार्ड के तहत एक संरक्षित व्यक्ति, सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा कैसे है?' मालूम हो कि पांच अगस्त 2019 से ही महबूबा मुफ्ती नजरबंद हैं और अब उनकी नजरबंदी तीन और महीने के लिए बढ़ा दी गई है।
पी चिदंबरम ने लिखा, 'मैं अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाले वकीलों में एक मैं भी हूं। अगर मैं अनुच्छेद 370 के खिलाफ बोलूं, जैसा कि मुझे करना चाहिए, क्या यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है? हमें सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए और 'महबूबा मुफ्ती को रिहा करें' की मांग करनी चाहिए।'
 

 पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत पांच अगस्त 2019 को नजरबंद किए गए लगभग सभी नेताओं को अब रिहा किया जा चुका है, लेकिन मुफ्ती अभी भी नजरबंद हैं। 
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