कमलनाथ के करीबियों के घर पड़े छापे से घबराए चिदंबरम, कहा- मेरे पास छुपाने को कुछ नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापे के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने आरोप लगाया कि सरकार उनके घर आयकर विभाग का छापा मरवाने की तैयारी कर रही है ताकि लोकसभा चुनाव अभियान को कमजोर किया जा सके। रविवार को उन्होंने कहा कि इस देश के लोग देख रहे हैं और वह चुनाव में इसका उचित जवाब देंगे।
चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मुझे बताया गया है कि आयकर विभाग शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र और चेन्नई में स्थित मेरे घर पर छापा मारने की तैयारी कर रही है। हम तलाशी के लिए आने वालों का स्वागत करेंगे। आयकर विभाग को मालूम है कि हमारे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है। उनसे पहले अन्य एजेंसियों ने हमारे घर की तलाशी ली और उन्हें कुछ नहीं मिला। उनका इरादा चुनाव अभियान को कमजोर करना है।'
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि लोग इस सरकार की ज्यादतियों को देख रहे हैं और वह चुनाव में इसे उचित सबक सिखाएंगे। उनके बेटे कार्ति तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं। वह इस समय एयरसेल-मैक्सिस मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
क्या है एयरसेल-मैक्सिस मामला
सीबीआई द्वारा विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार, मैक्सिस की सहायक कंपनी ग्लोबल कम्यूनिकेशन सर्विसेज होल्डिंग्स लिमिटेड ने एयरसेल में 800 मिलियन डॉलर के निवेश के लिए मंजूरी मांगी थी।
आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी इस मामले में अनुमति के लिए सक्षम थी। हालांकि तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम द्वारा इस संबंध में अनुमोदन प्रदान किया गया था। इस संबंध में आगे की जांच जारी है। इस मामले में कार्ति के शामिल होने का आरोप है।
इसके अलावा कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया मामले की भी जांच चल रही है। 2007 में वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल में आईएनएक्स मीडिया को विदेश से 305 करोड़ रुपये स्वीकार करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की ओर से दी गई मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। इस मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ ईडी और सीबीआई दोनों की जांच चल रही हैं।
The I T department knows that we have nothing to hide. They and other agencies have searched our residences before and found nothing. The intention is to cripple the election campaign.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) April 7, 2019