P-20: अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए एकजुट होंगे जी-20 सदस्य; साझा घोषणापत्र में सर्वसम्मति से अपनाया गया प्रस्ताव
P-20: संयुक्त घोषणा पत्र के सदस्यों ने जी-20 में प्रभावी और सार्थक संसदीय योगदान देने के लिए संयुक्त कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। घोषणा में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त वक्तव्य को अपने संबंधित राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों तक आगे बढ़ाने और साझा प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन में शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई।
विस्तार
नौवें जी-20 संसदीय अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन (पी-20) के संयुक्त घोषणा पत्र में अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देने के लिए सभी सदस्य देशों ने प्रासंगिक मंचों पर संसदीय कूटनीति और बातचीत में शामिल होने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनाया है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था।
संयुक्त घोषणा पत्र के सदस्यों ने जी-20 में प्रभावी और सार्थक संसदीय योगदान देने के लिए संयुक्त कार्य जारी रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। घोषणा में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त वक्तव्य को अपने संबंधित राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों तक आगे बढ़ाने और साझा प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन में शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई। घोषणापत्र में कहा गया कि पी-20 अध्यक्षता इस संयुक्त वक्तव्य को जी-20 अध्यक्षता को संप्रेषित करेगी, और जी-20 समुदाय में इसके व्यापक प्रसार को प्रोत्साहित करेगी।
सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने 9वें जी20 संसदीय अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी और उसके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए भारतीय संसद को धन्यवाद दिया। साथ ही संसद के नए भवन के उद्घाटन पर भी भारत को बधाई दी। घोषणापत्र में कहा गया कि 2024 में ब्राजील जी-20 की अध्यक्षता करेगा। ब्राजील की संसद को 10वें पी-20 के आयोजन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी जाती हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भी सराहना हुई
इस घोषणापत्र में सभी सदस्यों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भी सराहना की। यह विधेयक हाल ही में हुए संसद के विशेष सत्र में पारित हुआ।
आतंकवाद को लेकर वैश्विक नेताओं ने भी जताई चिंता, मोदी की टिप्पणी को सराहा
आतंकवाद को लेकर कई वैश्विक नेताओं ने चिंता जताई और पुष्टि की कि इस खतरे से लड़ने के लिए सभी देशों को एक साथ आने की जरूरत है। नेताओं ने पी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों की भी सराहना की, जहां उन्होंने इस मुद्दे पर जोर दिया और भारत के खिलाफ आतंकवादी घटनाओं को याद किया।
रूसी संसद सदस्य प्योत्र टॉल्स्टॉय ने कहा, यह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी समस्या है। मुझे लगता है कि दुनिया की संसदों को आतंकवाद के खिलाफ मजबूत घोषणा करने की जरूरत है। यह लाखों करोड़ों नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। नाइजीरिया के महासचिव सालेह अबुबकर ने भी आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई और इसे ‘वैश्विक मुद्दा’ बताया और कहा कि सभी देशों को शांति हासिल करने के लिए काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का मुद्दा एक वैश्विक मुद्दा है। यह कुछ ऐसा है जिसके लिए पूरी दुनिया को आगे आना चाहिए और इसका समाधान ढूंढ़ना चाहिए। अबुबकर ने कहा, जिस तरह से पीएम मोदी इसे एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य की विचारधारा के साथ ले रहे हैं, अगर सभी नेता एक साथ आते हैं और कहते हैं कि हम सभी एक हैं और हमें एक परिवार के रूप में मिलकर काम करने की जरूरत है, तो आतंकवाद पर अंकुश लग जाएगा।
उन्होंने कहा, जब तक शांति नहीं होगी तब तक दुनिया एक परिवार के रूप में आगे नहीं बढ़ सकती। सबकुछ शांति पर केंद्रित है और हम सभी को इसी पर काम करना चाहिए। इससे पहले रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने भी पीएम मोदी के संबोधन की सराहना की थी और कहा था कि दुनिया में शांति सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।
पी-20 सम्मेलन लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक: बिरला
वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि 9वां जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी-20) लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग व वैश्विक महत्व के मुद्दों और वर्तमान चुनौतियों का समाधान खोजने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है। पी-20 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा, हमारे लिए लोकतंत्र एक अमूल्य विरासत है। यह हमारे विचारों, व्यवहार और परंपराओं में परिलक्षित होता है। जब हमें आजादी मिली, तो लोकतंत्र हमारे राष्ट्र का मूल आधार था।
मध्य पूर्व समेत सभी महाद्वीपों में कायम रखनी होगी शांति: पचेको
इस मौके पर अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष डुआर्टे पचेको ने कहा, मध्य पूर्व समेत सभी महाद्वीपों में शांति कायम रखनी होगी और इस दिशा में प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा, स्थायी और विकासात्मक लक्ष्यों के बारे में बात करना और शांति के बिना भविष्य के बारे में बात करना असंभव है। हमें मध्य पूर्व सहित सभी महाद्वीपों में शांति की रक्षा करने की जरूरत है। शांति पहले पन्ने पर होनी चाहिए। यहां तक कि एक भी मौत बहुत ज्यादा है।
ऐसा पी-20 पहले कभी नहीं हुआ: अमिताभ कांत
जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि 9वां जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी20) अद्भुत था और ऐसा पी-20 पहले कभी आयोजित नहीं किया गया। कांत ने पी-20 शिखर सम्मेलन में कहा, यह काफी सार्थक बैठक रही। पीएम मोदी ने आतंकवाद पर आवाज उठाई और कहा कि सभी देश इससे पीड़ित हैं और वक्ताओं ने भी इसका जिक्र किया। यह एक अच्छी चर्चा रही।