स्वामित्व योजना: पीएम मोदी ने बांटे 65 लाख संपत्ति कार्ड्स, जमीन के रिकॉर्ड डिजिटल होने से मिलेगा ये फायदा
भूमि विवादों को कम करने के लिए शुरू की गई स्वामित्व योजना के तहत पीएम मोदी ने आज 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्डों का वितरण किया। पीएम मोदी के इस कदम से देश के 230 से अधिक जिलों के करीब 50,000 गांवों में संपत्ति मालिकों को फायदा मिलेगा।
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21वीं सदी में लोगों को संपत्ति का अधिकार देना एक बड़ी चुनौती
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि 'आज का दिन देश के गांवों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ऐतिहासिक है। यह एक बड़ी समस्या थी, लेकिन राज्य सरकारों, अधिकारियों और ग्राम पंचायत के हजारों सहयोगियों की कोशिशों से लाखों लाभार्थियों को स्वामित्व योजना का लाभ मिला।' पीएम मोदी ने कहा कि '21वीं सदी में दुनिया के सामने कई चुनौतियां हैं, जिनमें जलवायु परिवर्तन, पानी की कमी, स्वास्थ्य समस्याएं और आपदाएं प्रमुख हैं, लेकिन दुनिया एक और बड़ी चुनौती से जूझ रही है और वो है संपत्ति का अधिकार। कई वर्ष पहले संयुक्त राष्ट्र ने एक अध्ययन किया था, जिसमें कई देशों में संपत्ति के अधिकारों का अध्ययन किया गया था। इस अध्ययन में पता चला कि दुनिया के कई देशों में लोगों के पास उनकी संपत्ति के कानूनी दस्तावेज ही नहीं हैं।'
लोन लेने और सरकारी योजनाओं में मिलेगा फायदा
पीएम मोदी ने कहा कि 'संयुक्त राष्ट्र ने साफ कहा था कि अगर गरीबी को कम करना है तो लोगों को संपत्ति का अधिकार देना बेहद जरूरी है। भारत भी इस चुनौती से अछूता नहीं है और हमारी स्थिति भी अन्य देशों जैसी ही है। गांवों में लोगों के पास लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति है, लेकिन उनके पास इसके कानूनी दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में मालिकाना हक को लेकर विवाद होते हैं। कई जगहों पर ताकतवर लोग गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर लेते हैं।' प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामित्व कार्ड्स बांटने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाभार्थियों से बात भी की। उन्होंने कहा कि इस योजना से लोगों को ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi interacts with Rachna from Sriganganagar, Rajasthan, a beneficiary of the SVAMITVA Scheme.
PM Modi distributed over 65 lakh property cards under the SVAMITVA Scheme to property owners in over 50,000 villages in more than 230 districts… pic.twitter.com/c6pM9LQ0U4 — ANI (@ANI) January 18, 2025
'स्वामित्व और भू-आधार गांवों के विकास की नींव बनेंगे'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'पिछली सरकारों को इस संबंध में कुछ कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन कुछ खास नहीं किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि दलित, पिछड़े वर्ग और आदिवासी इस कानून से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा,'कानूनी संपत्ति अधिकार मिलने के बाद लाखों लोगों ने ऋण लिया है। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपना कारोबार शुरू करने में किया है। इनमें से कई किसान हैं, जिनके लिए ये संपत्ति कार्ड वित्तीय सुरक्षा की गारंटी है।' उन्होंने यह भी कहा कि स्वामित्व और भू-आधार गांवों के विकास की नींव बनेंगे।
क्या है स्वामित्व योजना?
स्वामित्व योजना ग्रामीण भारत की आर्थिक प्रगति को बढ़ाने की दृष्टि से 24 अप्रैल, 2020 को (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर) प्रधानमंत्री की ओर से शुरू की गई थी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से तैयार किया जाता है, जिससे भूमि विवादों को कम किया जा सके। गौरतलब है कि योजना के तहत 3.17 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जो लक्ष्य का 92 फीसदी है। वहीं, 1.53 लाख गांवों के लिए करीब 2.25 करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं।