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सरकारी आंकड़े: 2020 तक मृत्यु दंड पाने वाले कैदियों की संख्या 400 से अधिक, सबसे ज्यादा कैदी यूपी के

Mon, 31 Jan 2022 04:32 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 31 Jan 2022 04:32 PM IST
सार

एनसीआरबी की 2020 के जेल संबंधी आंकड़ों की रिपोर्ट के अनुसार साल के अंत तक देश की जेलों में मृत्यु दंड पाने वाले कैदियों की संख्या 400 से अधिक रही है। वहीं, इस साल 29 ऐसे कैदियों की सजा को उम्र कैद में बदला गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

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Over 400 death row prisoners in Indian jails till 2020 says NCRB Data news in Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

देश की जेलों में बंद मृत्यु दंड पाने वाले कैदियों की संख्या साल 2020 के अंत तक 413 थी। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर जारी ताजा आंकड़ों में सामने आई है। इन 413 कैदियों में से 94 को मृत्यु दंड की सजा 2020 में ही सुनाई गई थी। 

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गृह मंत्रालय के तहत आने वाले एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) की 2020 के लिए 'जेल सांख्यिकी भारत' रिपोर्ट के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इसके अनुसार साल 2020 में 29 दोषियों के मृत्यु दंड को उम्रकैद में बदला गया।  

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साल 2020 में 94 लोगों को सुनाई गई मौत की सजा
रिपोर्ट के अनुसार, 'देश में 2020 के दौरान 94 लोगों को मृत्यु दंड दिया गया। इनमें से उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 15-15 लोग रहे। पश्चिम बंगाल से 14, बिहार से आठ और झारखंड व तमिल नाडु से एक-एक व्यक्ति को मृत्यु दंड दिया गया।'

जिन 29 लोगों के मृत्यु दंड को उम्र कैद में बदला गया था उनमें से सात महाराष्ट्र से और पांच-पांच राजस्थान व तमिलनाडु से थे। रिपोर्ट के अनुसार जिन 413 कैदियों को मृत्यु दंड मिला है उनमें से 319 को यह सजा साल 2019 में सुनाई गई थी।

मृत्यु दंड की सजा पाए कैदियों में यूपी के सबसे ज्यादा
2020 में जेलों में बंद मृत्यु दंड पाए कैदियों की संख्या कुल कैदियों की 0.36 फीसदी रही। मृत्यु दंड पाए जेल में बंद कैदियों में उत्तर प्रदेश के कैदियों की संख्या सबसे ज्यादा 53 रही। इसके बाद महाराष्ट्र के 49 और मध्यप्रदेश के 40 कैदी रहे।

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