फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Over 1400 URLs spreading anti-India content blocked during Op Sindoor: Vaishnaw

Lok Sabha: 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्लॉक किए 1400 URL, भारत के खिलाफ फैला रहे दुष्प्रचार', सरकार ने दी जानकारी

Wed, 30 Jul 2025 07:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 30 Jul 2025 07:35 PM IST
विज्ञापन
Over 1400 URLs spreading anti-India content blocked during Op Sindoor: Vaishnaw
अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री - फोटो : एएनआई

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डिजिटल मीडिया के 1400 से अधिक यूआरएल ब्लॉक किए गए, जिनमें मुख्य रूप से पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया खाते थे। इन यूआरएल से गुमराह करने वाली और भारत विरोधी सामग्री फैलाई जा रही थी।  

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि कुछ सोशल मीडिया खाते भारत के बाहर से संचालित हो रहे थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गलत और नुकसान पहुंचाने वाली जानकारी प्रसारित कर रहे थे। इसी कारण मंत्रालय ने ऑपरेशन के दौरान 1400 से अधिक यूआरएल को ब्लॉक करने के आदेश दिए।
विज्ञापन


वैष्णव ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत यह कदम उठाया गया ताकि भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखा जा सके। यह जवाब उन्होंने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के सवाल के जवाब में दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'कोई तय मानदंड मौजूद नहीं...', आठवीं अनुसूची में भाषाओं को शामिल करने की मांगों पर बोली सरकार


उन्होंने कहा कि सरकार ने मीडिया को भी सलाह दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज से बचें। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया था, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय (तालमेल) करता था। यह नियंत्रण कक्ष चौबीस घंटे काम करता था और मीडिया को ताजा जानकारी देता था।

इस नियंत्रण कक्ष में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना के प्रतिनिधि, सरकारी मीडिया इकाइयों के अधिकारी और प्रेस सूचना ब्यूरो के अधिकारी शामिल थे। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और गलत जानकारी फैलाने वाले पोस्ट और हैंडल की पहचान की जाती थी।


ये भी पढ़ें: गडकरी बोले- करीब 489 सड़क परियोजनाएं अब भी लंबित, मंजूरी संबंधी मुद्दों की वजह हो रही देरी

वैष्णव ने बताया कि प्रेस सूचना ब्यूरो के अधीन एक फैक्ट फाइंडिंग यूनिट सोशल मीडिया और ऑनलाइन समाचार स्रोतों की निगरानी करती थी, जो फर्जी चित्र, एडिट किए हुए वीडियो, भ्रामक कथन और ऑपरेशन, सरकारी एजेंसियों या सुरक्षा बलों के खिलाफ सामग्री को पहचान करती थी।

यह इकाई पाकिस्तान की भारत विरोधी प्रचार सामग्री को भी गलत साबित करती थी और ऐसे कई पोस्ट की सच्चाई जांच कर सही जानकारी प्रदान करती थी। इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी गलत खबरों के उन लिंक को तुरंत साझा किया गया, जिन्हें फैक्ट फाइंडिंग यूनिट ने गलत पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed