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मद्रास हाईकोर्ट: जस्टिस संजीव बनर्जी खफा, चेन्नई से कार से कोलकाता रवाना, बिदाई समारोह भी नहीं हुआ, जानिए क्यों जताया अफसोस
Wed, 17 Nov 2021 08:21 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 17 Nov 2021 08:21 PM IST
सार
जस्टिस संजीव बनर्जी 11 माह तक मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाशीश के रूप में चेन्नई में रहे। यहां से रवाना होने के पूर्व उन्होंने पीठ के अपने सहयोगियों व बार के सदस्यों व हाईकोर्ट रजिस्ट्री के स्टाफ को पत्र लिखा।
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मद्रास हाईकोर्ट के निवर्तमान चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी
- फोटो : pti
विस्तार
मद्रास हाईकोर्ट के निवर्तमान चीफ जस्टिस संजीव बनर्जी बुधवार को खफा होकर चेन्नई से कोलकाता के लिए सड़क मार्ग से रवाना हो गए। हाल ही में उनका तबादला मेघालय किया गया है। इससे विवाद पैदा हो गया है। जस्टिस बनर्जी का बिदाई समारोह भी नहीं हुआ। पुलिस सूत्रों ने बताया कि न्यायमूर्ति बनर्जी और उनकी पत्नी मेघालय की अपनी आगे की यात्रा के लिए कोलकाता के लिए रवाना हुए, जहां वह उच्च न्यायालय में सेवा देंगे। राज्य पुलिस उनके साथ सीमावर्ती जिले वेल्लोर तक गई।
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जस्टिस बनर्जी 11 माह तक मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाशीश के रूप में चेन्नई में रहे। यहां से रवाना होने के पूर्व उन्होंने पीठ के अपने सहयोगियों व बार के सदस्यों व हाईकोर्ट रजिस्ट्री के स्टाफ को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी कार्रवाई कभी भी निजी नहीं रही, उन्होंने संस्थान के हित में कदम उठाए।
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स्टाफ से मांगी माफी
पत्र में उन्होंने अपने स्टाफ से खासतौर से कहा कि उन्हें इस बात का खेद है कि वह उस सामंती संस्कृति का पूरी तरह खात्मा नहीं कर सके, जिसके अधीन वह काम करते हैं। उन्हें मिले सहयोग के लिए स्टाफ की तारीफ करने के साथ ही जस्टिस बनर्जी ने कहा कि उनके कारण उन्हें ज्यादा घंटे काम करना पड़ा, इसलिए वह क्षमा चाहते हैं।
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इससे पहले प्रधान न्यायाधीश एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने पहले न्यायमूर्ति बनर्जी का मेघालय तबादला करन का प्रस्ताव किया था। उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था, लेकिन इसी बीच दूसरे पक्ष ने उनके कार्य को न्यायपालिका की छवि बिगाड़ने वाला करार देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
न्यायमूर्ति एम दुरईस्वामी को जिम्मा सौंपा
इस बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मद्रास हाईकोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति एम दुरईस्वामी को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त कर दिया है। जब तक कि न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में उच्च न्यायालय में शामिल नहीं हो जाते, तब तक वे इस पद पर बने रहेंगे।