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हमारा ध्यान उत्तर प्रदेश के बंटवारे पर नहीं राज्य के सतत विकास पर है : योगी आदित्यनाथ
शशिधर पाठक
Updated Sun, 16 Sep 2018 02:59 PM IST
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मुख्यमंत्री .योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के विकास के लिए लगातार तत्पर हैं। वह लगातार प्रदेश में साफ-सुथरी और जनता की हितों वाली सरकार चलाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रवासी भारतीय दिवस की वेबसाइट उद्घाटन के अवसर पर दिल्ली आए मुख्यमंत्री ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उ.प्र. के चार हिस्सों में बंटवारे जैसे किसी प्रयास पर उनका ध्यान नहीं है। वह प्रवासी भारतीय दिवस के कार्यक्रम में आए हैं और उनका लक्ष्य राज्य में संसाधन का विस्तार करना, निरंतर विकास करना ही है।
राज्य में राजनीतिक दलों के महागठबंधन को लेकर भी योगी आदित्यनाथ ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रवासी भारतीय दिवस 2019 को देखते हुए काशी में देश, विदेश से आने वाले अतिथि का आदर करने, उन्हें उच्चस्तरीय सुविधा देने और 21-23 जून और फिर उनके इलाहाबाद में कुंभ जाने के कार्यक्रम को यादगार बनाना है।
वह राज्य में शिक्षा, रोजगार, उद्योग व्यापार, किसान हित और उत्तर प्रदेश के सतत विकास के लिए प्रयासरत हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन काशी में हो रहा है। काशी में घाट पर गंगा आरती से प्रवासी भारतीय दिवस का शुभारंभ होना है। इसके लिए राज्य सरकार वहां संसाधनों के विकास पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है।
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अतिथियों को टहराने के लिए स्विस कॉटेज तैयार किए जा रहे हैं। उनके सारनाथ और आस-पास आने-जाने, होटल आदि में ठहरने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर राज्य सरकार लगातार तैयारियों को अंतिम रुप देने में लगी है। काशी प्राचीन धार्मिक नगरी है। इस साल कुंभ को भी यूनेस्को ने हेरिटेज घोषित किया है। हम इलाहाबाद के कुंभ में भी भरतवंशियों के ठहरने के लिए नि:शुल्क स्विस कॉटेज सुविधा उपलब्ध कराने जा रहे हैं।
यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विदेश मंत्रालय के माध्यम से मॉरीशस के प्रवासी भारतीय दिवस में जाने का अवसर मिला। उन्होंने देखा कि यूपी, बिहार से गए लोगों ने कैसे कितने सलीके से काली मां के स्थान, भोजपुरी भाषा सबकुछ को जोड़कर रखा है। वह चाहते हैं कि काशी में 21-23 जनवरी तक और इलाहाबाद में 24 जनवरी को आने वाले अतिथियों को कुछ इसी तरह की याद दे पाएं।
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राज्य में राजनीतिक दलों के महागठबंधन को लेकर भी योगी आदित्यनाथ ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रवासी भारतीय दिवस 2019 को देखते हुए काशी में देश, विदेश से आने वाले अतिथि का आदर करने, उन्हें उच्चस्तरीय सुविधा देने और 21-23 जून और फिर उनके इलाहाबाद में कुंभ जाने के कार्यक्रम को यादगार बनाना है।
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वह राज्य में शिक्षा, रोजगार, उद्योग व्यापार, किसान हित और उत्तर प्रदेश के सतत विकास के लिए प्रयासरत हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन काशी में हो रहा है। काशी में घाट पर गंगा आरती से प्रवासी भारतीय दिवस का शुभारंभ होना है। इसके लिए राज्य सरकार वहां संसाधनों के विकास पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है।
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अतिथियों को टहराने के लिए स्विस कॉटेज तैयार किए जा रहे हैं। उनके सारनाथ और आस-पास आने-जाने, होटल आदि में ठहरने की व्यवस्था को ध्यान में रखकर राज्य सरकार लगातार तैयारियों को अंतिम रुप देने में लगी है। काशी प्राचीन धार्मिक नगरी है। इस साल कुंभ को भी यूनेस्को ने हेरिटेज घोषित किया है। हम इलाहाबाद के कुंभ में भी भरतवंशियों के ठहरने के लिए नि:शुल्क स्विस कॉटेज सुविधा उपलब्ध कराने जा रहे हैं।
यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विदेश मंत्रालय के माध्यम से मॉरीशस के प्रवासी भारतीय दिवस में जाने का अवसर मिला। उन्होंने देखा कि यूपी, बिहार से गए लोगों ने कैसे कितने सलीके से काली मां के स्थान, भोजपुरी भाषा सबकुछ को जोड़कर रखा है। वह चाहते हैं कि काशी में 21-23 जनवरी तक और इलाहाबाद में 24 जनवरी को आने वाले अतिथियों को कुछ इसी तरह की याद दे पाएं।